नीतीश राज की पुलिस ने 'अन्नदाता' को बनाया आतंकी ! मुआवजा मांग रहे किसानों को रात के अंधेरे में बेरहमी से पीटा, इतने से मन नहीं भरा तो भेजा जेल..यही है सुशासन का खेल

नीतीश राज की पुलिस ने 'अन्नदाता' को बनाया आतंकी ! मुआवजा मांग रहे किसानों को रात के अंधेरे में बेरहमी से पीटा, इतने से मन नहीं भरा तो भेजा जेल..यही है सुशासन का खेल

PATNA: नीतीश सरकार बिहार के किसानों को आतंकी बताने पर तुली है। अपने हक के लिए महीनों से आंदोलन कर रहे बक्सर जिले के चौसा के किसानों पर पुलिसिया कहर टूटा है। रात के घुप्प अंधेरे में पुलिसवाले किसानों को आतंकी समझ कर घरों में प्रवेश करते हैं. महिलाओं के सामने अन्नदाताओँ को बेरहमी से पिटाई करते हैं। इतने से मन नहीं भरा तो खींचकर थाना लाकर जेल भेज देते हैं. आप इसेे सुशासन कहेंगे ?जिस तरह से बक्सर में सुशासन राज की कार्रवाई देखने को मिली है, उससे तो यही कहा जा सकता है कि पुलिस बेबस किसानों पर ही अपनी ताकत दिखा सकती है। अपराधियों के आगे तो घुटने टेक देती है।  

पिटाई से मन नहीं भरा तो भेजा जेल 

नीतीश सरकार राज्य के किसानों को आतंकवादी बनाने पर तुल गई है. बक्सर में पहले रात के अंधेरे में घरों में घुसकर किसानों की बर्बर पिटाई की,अब पुलिस पर हमला करने का केस लाद कर जेल भेज दिया. बिहार पुलिस मुख्यालय ने बताया है कि बक्सर के चौसा में निर्माणाधीन एसजेवीएन थर्मल पावर प्लांट के लिए किसानों की अधिग्रहित भूमि पर नए रेट से मुआवजे की मांग को लेकर 200-250 की संख्या में आए किसानों ने हंगामा किया. वहां पर प्रतिनियुक्त अंचलाधिकारी के साथ झड़प की और उन पर जानलेवा हमला किया. इस मामले में मुफस्सिल थाने में 10 जनवरी को ही केस दर्ज किया गया था. इस मामले में 24 नामजद तथा 250-300 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस इस कांड के अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी के लिए गई थी. इसके बाद अभियुक्तों के परिजनों द्वारा छापेमारी दल पर हमला किया गया . विवश होकर छापेमारी दल के द्वारा तीन व्यक्ति को थाना लाया गया. सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने और पुलिस पर हमला को लेकर आज एक और f.i.r. मुफस्सिल थाने में दर्ज की गई। इसमें तीनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया.

पुलिस मुख्यालय ने बताया है कि तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद एक हजार की संख्या में स्थानीय किसानों ने पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर पहुंचकर हंगामा किया. पावर प्लांट के मुख्य द्वार को तोड़कर आगजनी की. इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पहुंची तो उत्तेजित भीड़ ने पुलिस के वाहन, कंपनी के जेसीबी समेत 16 वाहनों में आग लगा दिया. किसानों के हमले में 10 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं. उत्तेजित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए तथा हवाई फायरिंग करनी पड़ी. पुलिस मुख्यालय ने बताया है कि घटनास्थल पर शाहाबाद क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा बक्सर के एसपी कैंप कर रहे हैं.

Find Us on Facebook

Trending News