पटना में कोरोना से हाल बेहाल फिर भी सरकार का फरमान, हर हाल में दफ्तर आएं श्रम संसाधन विभाग के सभी कर्मचारी

पटना में कोरोना से हाल बेहाल फिर भी सरकार का फरमान, हर हाल में दफ्तर आएं श्रम संसाधन विभाग के सभी कर्मचारी

पटना : बिहार में कोरोना बेकाबू हो चुके कोरोना ने पटना को अपना गढ़ बना लिया है. लेकिन इस बीच सरकार ने यह फरमान जारी कर दिया है कि श्रम संसाधन विभाग के सारी कर्मचारी दफ्तर आएंगे ।

खबर के मुताबिक एक ओर जहां बिहार सरकार के सभी विभागों में एक तिहाई कर्मी ही कार्यालय आ रहे हैं तो दूसरी ओर श्रम संसाधन विभाग ने अपने सभी कर्मियों को ऑफिस आना अनिवार्य कर दिया है। विभाग का तर्क है कि स्वीकृत पदों की तुलना में आधे ही पद पर कर्मी कार्यरत है। इसलिए सभी कर्मी ऑफिस हर हाल में आएं। यह स्थिति तब है जब विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित दर्जनभर कर्मी व अधिकारी अब तक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। शुक्रवार को भी विभाग से एक कर्मी को रोना संक्रमित हुआ।

श्रम संसाधन ने पहले बिहार सरकार के आदेशों का हवाला देते हुए एक तिहाई कर्मी को ही ऑफिस आना अनिवार्य किया था। लेकिन अब विभाग ने अपने उस आदेश को पलट कर दूसरा आदेश जारी किया कि सभी कर्मी अनिवार्य रूप से ऑफि आएं। पत्र में इसका साफ उल्लेख है कि चूंकि विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में आधे ही कर्मचारी कार्यरत हैं इसलिए सभी कर्मचारी का ऑफिस आना अनिवार्य है। लेकिन सवाल यह है कि कोरोना वायरस में विभाग के अधिकारियों का यह तर्क कहां तक जायज है। 

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को भी विभाग के एक कर्मचारी को कोरोना कोरोना संक्रमित होने की खबर आई। विभागीय मंत्री और उनके साथ रहने वाले कई लोग पूर्व में ही कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। साथ ही विभाग के लगभग 1 दर्जन से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। कर्मचारी संघ ने मांग की है कोरोना काल में पूर्व की तरह रोटेशन में कर्मचारियों को बुलाया जाए वरना हालात ऐसे होंगे कि विभाग में संक्रमित की संख्या और बढ़ेगी औऱ कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत काम करना भी मुश्किल होगा।

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