नित्यानंद राय ने तेजस्वी से पूछा सवाल, क्या लोकतंत्र का मतलब चुनाव के दिन मतदान किए बिना भाग खड़े होना है?

नित्यानंद राय ने तेजस्वी से पूछा सवाल,  क्या लोकतंत्र का मतलब चुनाव के दिन मतदान किए बिना भाग खड़े होना है?

PATNA : आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के पटना में मतदान नहीं करने को लेकर बिहार में सियासत तेज है। बिहार भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय ने तेजस्वी यादव के मतदान न करने पर लोकतंत्र विरोधी करार देते हुए पांच सवाल पूछा है कि- 1. तेजस्वी बताएं की लोकतंत्र का मतलब क्या है? 2. क्या तेजस्वी को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है? 3. क्या तेजस्वी को संविधान और उसकी व्यवस्था में आस्था नहीं है? 4. क्या लोकतंत्र का मतलब चुनाव के दिन मतदान किए बिना भाग खड़े होना है? 5. क्या तेजस्वी यादव सिर्फ शिवानन्द तिवारी और मनोज झा के रटे रटाये तोता भर हैं? 

बिहार भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि तेजस्वी यादव पिछले दिनों लोकतंत्र और संविधान बचाओ यात्रा पर थे लेकिन वे लोकतान्त्रिक संवैधानिक व्यवस्था में चुनाव के दिन मतदान के अधिकार नहीं करते हैं। इससे जाहिर है कि तेजस्वी को मतदान के अधिकार की गंभीरता का एहसास नहीं है। तेजस्वी की यह हरकत लोकतंत्र विरोधी है और लोकतंत्र का अपमान है। ट्वीटर पर तेजस्वी सभी को वोट देने की नसीहत देते है और उसपर खुद अमल नहीं करते है जो नेता विरोधी दल के ओहदे के लिहाज से लोकतंत्र में माफ़ी न दिए जाने लायक कृत्य है।

नित्यानंद राय ने तेजस्वी को नसीहत देते हुए कहा है कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है। लोकतंत्र में वोट न देना लोकतान्त्रिक संवैधानिक व्यवस्था का अपमान है। जिस किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को लोकतंत्र में मतदान करने से वास्ता नहीं हो वह राजनीति पर बोझ के समान है। तेजस्वी के द्वारा मतदान नहीं करना साबित करता है कि उन्हें लोकतंत्र से न कोई वास्ता है और न ही संविधान में आस्था है। बिहार की जनता देख रही है कि तेजस्वी ने किस तरह लोकतंत्र का मखौल उड़ाया है।

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