BIHAR NEWS : नियोजित शिक्षकों को जल्द मिलेगा बढ़ा हुआ शहरी आवास भत्ता, डीईओ ने बीईओ से मांगी शिक्षकों की सूची

BIHAR NEWS : नियोजित शिक्षकों को जल्द मिलेगा बढ़ा हुआ शहरी आवास भत्ता, डीईओ ने बीईओ से मांगी शिक्षकों की सूची

CHHAPRA : प्राथमिक शिक्षक संघ की मेहनत रंग लाई है. अब लग रहा है कि जल्द ही शिक्षकों को शहरी आवास भत्ता के तहत 8 फ़ीसदी की राशि मिल जाएगी। मंगलवार को डीईओ ने सभी बी ई ओ से लाभान्वित शिक्षकों की सूची मांगी है। मालूम हो कि सारण जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव दिनेश कुमार सिंह की मांग पर शहरी आवास भत्ता के लिए नवगठित नगर पंचायत मांझी, मशरक एवं कोपा (जलालपुर) के अन्तर्गत आने वाले प्राथमिक, मध्य एवं उच्च विद्यालय की सूची जिला शिक्षा पदाधिकारी सारण के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से मांगी है। इसके बाद नवगठित नगर पंचायत के अन्तर्गत आने वाले विद्यालय के शिक्षकों को शहरी आवास भत्ता 4% की जगह 6% मिलने लगेगा। इस कार्य के लिए सारण जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना निशांत गुंजन को बधाई दी है। बधाई देने वालों में मुख्य रूप से अध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी संजय कुमार, कोषाध्यक्ष विजयेंद्र कुमार विजय, शिखा सिन्हा, उपेंद्र सिंह, मुरलीधर सिंह, राजू दास, मिथलेश यादव, राजेश मास्टर, पप्पू सिंह सुरेंद्र सिंह, अंम्दत  गुंजन, वीरेंद्र सिंह, मनीष कुमार, दिलीप सिंह, सुरेंद्र राम, संजय प्रसाद आनंद कुमार दीनबंधु बाबा प्रमुख है।

क्या है नियम

दरअसल विभागीय नियमानुसार नगर निकाय क्षेत्र के आठ किलोमीटर के दायरे में अवस्थित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को नगर आवास भत्ता देने का प्रावधान है ताकि शिक्षक स्कूल के आस-पास ही रहकर नियमित रूप से स्कूल में पठन-पाठन कर सके। क्योंकि यह देखा जाता है कि जिन शिक्षकों का घर स्कूल से काफी दूर होता है या दूसरे जिले या अनुमंडल या प्रखंड से आना होता है तो वे थक जाते हैं और पढाने में भी मन नहीं लगता है। जाने के समय भी बार-बार घड़ी की ओर देखना पड़ता है कि पता नहीं कब बस या ट्रेन छूट जाए। ऐसे में विभाग ने शिक्षकों को किराया भत्ता ही दे दिया कि आप स्कूलों के पास ही किराया लेकर रहे और पठन-पाठन कराएं।

2000 शिक्षकों को मिलेगा लाभ

केवल छपरा नगर निगम क्षेत्र की बात करें तो यहां के आठ किलोमीटर दायरे में करीब 350 स्कूल हैं। इनमें कार्यरत नियोजित शिक्षकों की संख्या 1500 के आस-पास है। इसके अलावा अन्य नगर निकायों में अवस्थित स्कूलों में पढाने वाले शिक्षकों की संख्या 500-700 के करीब है। ऐसे में इतने शिक्षकों को यह लाभ मिलेगा। जो नगर पंचायत क्षेत्र में रह रहे हैं उन्हें 6 प्रतिशत और जो नगर निगम क्षेत्र में रह रहे हैं उन्हें आठ प्रतिशत का लाभ मिलेगा। यह राशि 1000 से 1600 के बीच होगी। मालूम हो कि जिले में 3000 के लगभग प्रारंभिक स्कूल हैं, इनमें 10-15 फीसदी स्कूलों नगर निकायों में अवस्थित हैं।

छपरा से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट 


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