नियोजित शिक्षकों के प्रस्तावित आंदोलन से टेंशन में है नीतीश सरकार, मैट्रिक परीक्षा बाधित न हो इसलिए अपनाया नया फंडा..जानिए

नियोजित शिक्षकों के प्रस्तावित आंदोलन से टेंशन में है नीतीश सरकार, मैट्रिक परीक्षा बाधित न हो इसलिए अपनाया नया फंडा..जानिए

PATNA: बिहार के नियोजित शिक्षकों के प्रस्तावित हड़ताल से सरकार सहम गई है। लिहाजा शिक्षा विभाग के अधिकारी एहतियातन कई तरह के कदम उठा रहे हैं। नियोजित शिक्षकों के हड़ताल पर जाने की स्थिति में मैट्रिक की परीक्षा बाधित न हो इसलिए टोला सेवक एवं तालिमी मरकज के शिक्षकों से वीक्षण कार्य लेने का निर्णय लिया गया है ।

शिक्षा विभाग की तरफ से आदेश मिलने पर कई जिलों में जिला शिक्षा पदाधिकारी ड्यूटी को लेकर आदेश भी जारी कर रहे हैं. औरंगाबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारी में इस संबंध में आदेश जारी किया है और टोला सेवक और तालिमी मरकज के शिक्षकों से परीक्षा संचालन के लिए प्रशिक्षण देने हेतु तिथि भी निर्धारित कर दी है. औरंगाबाद में 11 और 12 फरवरी को टोला सेवकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा .

बता दें कि बिहार के नियोजित शिक्षक समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर 17 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं .नियोजित शिक्षक संघ ने मैट्रिक की परीक्षा का बहिष्कार का निर्णय लिया है.

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 इस बार मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से लेकर 24 फरवरी तक आयोजित की गई है. इसी दौरान नियोजित शिक्षकों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है .लिहाजा शिक्षा विभाग चिंतित हो गई है और नियोजित शिक्षकों की बजाए टोला सेवकों,तालिमी मरकज के शिक्षकों से परीक्षा कार्य लेने का मन बनाया है।

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