CM नीतीश कह रहे 3.5 लाख शिक्षक नियोजित नहीं...यह शब्द मीडिया की उपज, पर सिस्टम तो आज भी नियोजित शब्द ही कर रहा प्रयोग

CM नीतीश कह रहे 3.5 लाख शिक्षक नियोजित नहीं...यह शब्द मीडिया की उपज, पर सिस्टम तो आज भी नियोजित शब्द ही कर रहा प्रयोग

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधान सभा चुनाव से पहले नियोजित शिक्षकों को मनाने की हर कोशिश कर रहे हैं।15 अगस्त के दिन गांधी मैदान से सेवा शर्त लागू करने का ऐलान किया और उसे लागू किया।इसके बाद भी शिक्षकों की नाराजगी खत्म नहीं हुई, फिर सीएम नीतीश ने अगली चाल चलते हुए कहा कि मीडिया ने ही शिक्षकों को नियोजित कहना शुरू कर दिया।सभी शिक्षक नियोजित नहीं बल्कि स्थायी हैं।

नियोजित शब्द को खारिज कर सीएम नीतीश ने फेंका पासा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 24 अगस्त के अपने संबोधन में यह कहकर साढ़े तीन लाख शिक्षकों को खुश करने की कोशिश कर रहे थे कि शिक्षक नियोजित नहीं हैं ।यह सब मीडिया की उपज है। सीएम नीतीश भले ही शिक्षकों को खुश करने के लिए नियोजित शब्द को खारिज कर दिया हो लेकिन हकीकत यही है कि सभी साढ़े तीन लाख शिक्षक नियोजित ही हैं। अफसरों की तरफ से जो पत्र जारी किए जा रहे हैं उसमें शिक्षक नहीं बल्कि नियोजत शिक्षक शब्द का प्रयोग किया जा रहा है।ऐसे में सीएम नीतीश की बात और सिस्टम की बात में रत्ती भर भी मेल नहीं खाता।

अफसर तो नियोजित शब्द ही प्रयोग कर रहे

अब जरा देखिए पटना के शिक्षा विभाग के इस पत्र को।सीएम नीतीश ने जब यह कहा कि शिक्षक नियोजित नहीं हैं।उनके भाषण के बाद का यह पत्र पटना शिक्षा कार्यालय की तरफ से 29 अगस्त को जारी की गई है। पटना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार की तरफ से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और स्कूल के प्रधानाध्यापक को पत्र लिखा गया है. पत्र में कहा गया है कि पंचायती राज संस्थाओं के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों(नियोजित) का पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड की स्व अभिप्रमाणित प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इस पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है की नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति- प्रोन्नति के संबंध में सेवा शर्त नियमावली 2020 अधिसूचित किया गया है. ऐसे में सभी नियोजित शिक्षकों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं.


नियोजित शिक्षकों की नाराजगी खत्म करने की कोशिश

सीएम नीतीश ने  24 अगस्त के अपने संबोधन में कहा था कि हमारी इच्छा तो है कि शिक्षकों के वेतन को बढ़ायें लेकिन कोरोना संकट की वजह से थोड़ी परेशानी हुई है।लेकिन 1 अप्रैल 2021से वेतन वृद्धि हो जाएगी।इस पर सरकार के 2765 करोड़ रू खर्च होंगे। शिक्षकों को 20 फीसदी से अधिक का फायदा होगा।हम लोगों ने तो नहीं कहा कि ये शिक्षक नियोजित हैं,हम तो कहते हैं ये नियोजित नहीं बल्कि सिर्फ शिक्षक हैं.नीतीश कुमार ने कहा कि ये लोग पता नहीं कहां से चलाते रहता है कि नियोजित शिक्षक हैं।

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