कोई पीछे को हटने को तैयार नहीं : शिक्षा विभाग की बैठक में नहीं शामिल होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति या दूसरे अधिकारी, राजभवन ने जारी किया आदेश

कोई पीछे को हटने को तैयार नहीं : शिक्षा विभाग की बैठक में नह

PATNA : बिहार के शिक्षा विभाग और राजभवन के बीच की खाई पटती हुई नजर नहीं आ रही है। एक बार फिर से राजभवन ने शिक्षा विभाग को बड़ा झटका दिया है। यहां राजभवन द्वारा शनिवार को शिक्षा विभाग की बुलाई गई बैठक में प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपति या किसी दूसरे अधिकारियों के शामिल होने पर रोक लगा दी है। राजभवन ने जिस स्थिति में यह आदेश जारी किया है, उसके बाद यह निश्चित माना जा रहा है कि एक बार फिर एससीएस केके पाठक इसके बाद शांत नहीं बैठेंगे।

बता दें कि 9 मार्च को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में कुलपतियों और सभी पदाधिकारी की 12:00 बजे से बैठक के लिए सभी विश्वविद्यालयों को यह लेटर भेजा गया है और इसी लेटर के बाद राजभवन के प्रधान सचिव रॉबर्ट चोंग्थू की ओर से सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को लेटर जारी कर बैठक में जाने की अनुमति नहीं दी गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि कुलाधिपति महोदय द्वारा निर्देशित किया गया है कि कुल सचिव और परीक्षा नियंत्रक भी उस बैठक में भाग नहीं लेंगे।

यह लगातार दूसरी बार है जब राजभवन ने कुलपतियों को शिक्षा विभाग की बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी है। इससे पहले भी बुलाई गई बैठक में सिर्फ दो कुलपति ही शामिल हुए थे। जिससे नाराज होकर एसीएस ने न सिर्फ उनके वेतन पर रोक लगा दिया था, बल्कि विवि के खातों को भी भी फ्रीज करा दिया था। बाद में राजभवन के दखल के बाद खाते फिर से शुरू किए गए। 

अब देखना है कि 9 मार्च को जब कुलपति केके पाठक की बैठक में नहीं जाएंगे तो उसके बाद उनके तरफ से क्या कुछ एक्शन लिया जाता है