तत्कालीन DIG को राहत नहींः IPS अधिकारी को सस्पेंड रखने का निर्णय, भ्रष्टाचार के आरोप में चल रही कार्रवाई

तत्कालीन DIG को राहत नहींः IPS अधिकारी को सस्पेंड रखने का निर्णय, भ्रष्टाचार के आरोप में चल रही कार्रवाई

PATNA: भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित चल रहे डीआईजी मो.शफीउल हक को सरकार ने कोई रिलीफ नहीं दिया है . आईपीएस अधिकारी को 24 मई 2023 तक निलंबित रखने का निर्णय लिया गया है. 18 नवंबर 2022 को निलंबन समीक्षा समिति की बैठक में निलंबित आईपीएस अधिकारी शफीउल हक के निलंबन पर विचार किया गया . तत्कालीन डीआईजी के निलंबन अवधि को 180 दिनों तक विस्तारित करने की अनुशंसा की गई. इसके बाद गृह विभाग ने निलंबन को जारी रखने का आदेश जारी किया है। 

मुंगेर के तत्कालीन डीआईजी शफीउल हक के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत आई थी. पुलिस मुख्यालय ने इसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई से कराई. आर्थिक अपराध इकाई के जांच प्रतिवेदन में यह बात सामने आई कि वे सहायक अवर पुलिस निरीक्षक मोहम्मद इमरान एवं एक निजी व्यक्ति के माध्यम से पुलिसकर्मियों से अवैध राशि की उगाही करा रहे थे. जांच में प्रथम दृष्टया मामला प्रमाणित हुआ. इसके बाद सरकार ने 1 दिसंबर 2021 को आरोपी डीआईजी मोहम्मद शफीउल हक को निलंबित कर दिया था. तब से इनका निलंबन जारी है.

बता दें, मोहम्मद इमरान के गलत काम संज्ञान में होने के बावजूद बतौर डीआईजी कोई कार्रवाई नहीं करने के मामले को गंभीरता से देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने यह माना कि इस काम में डीआईजी की भी सहभागिता थी. जिसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की गई. पहले डीआईजी को मुंगेर से हटाया गया। तबादले के बाद एक सम्मान समारोह में अधिकारी शफीउल हक ने अपना दर्द बयां किया था. उन्होंने कहा था कि उनका कोई गॉड फादर नहीं है, इसलिए 27 साल की नौकरी में 21 बार उनका तबादला हो चुका है.


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