नीतीश राज में सांसदों-विधायकों का 'सम्मान' नहीं! बार-बार आदेश के बाद भी अफसरों की मनमानी जारी, फिर से मुख्य सचिव ने लिखा पत्र

नीतीश राज में सांसदों-विधायकों का 'सम्मान' नहीं! बार-बार आदेश के बाद भी अफसरों की मनमानी जारी, फिर से मुख्य सचिव ने लिखा पत्र

PATNA: बिहार में अफसरशाही हावी है। सूबे में सांसदों-विधायकों की कोई पूछ नहीं। सरकारी कार्यक्रमों में या तो उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाता या फिर सम्मानजनक स्थान नहीं मिलता। नीतीश राज में इस तरह की शिकायत लगातार सामने आती हैं। नीतीश सरकार ने 2012 से लेकर अब चार दफे विस्तृत गाईडलाईन और आदेश भी जारी किये हैं। इसके बाद भी लगातार शिकायत मिल रही। अब मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण ने एक बार फिर से सभी विभागों के प्रधान सचिव से लेकर डीजीपी,कमिशिनर और डीएम को पत्र लिखकर सांसदों-विधायकों को सरकारी कार्यक्रमों में बुलाने और सम्म्मान जनक स्थान देने की सख्त हिदायत दी है। 

मुख्य सचिव ने लिखा पत्र

नीतीश सरकार ने स्वीकार किया है कि तमाम आदेशों के बाद भी सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय सांसदों विधायकों को आमंत्रित नहीं किया जाता है या फिर सम्मानजनक स्थान नहीं दिया जाता है। विधायकों-सांसदों द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लगातार की जा रही शिकायत के बाद एक बार फिर से मुख्य सचिव ने सभी विभागों के प्रधान सचिव से लेकर डीजीपी प्रमंडलीय आयुक्त व डीएम को पत्र लिखा है। बिहार के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण ने अपने पत्र में कहा है कि राजकीय शिलान्यास तथा उद्घाटन समारोह में सांसदों- विधायकों- विधान पार्षदों को आमंत्रित किया जाए. जनप्रतिनिधि होने के नाते सांसदों एवं विधायकों का लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है.

सांसदों-विधायकों का 'सम्मान' नहीं

सरकार ने 2012 में शिष्टता पूर्ण एवं सम्मानजनक व्यवहार करने तथा राजकीय समारोह अथवा बैठकों में सांसद एवं विधायकों को का स्थान आरक्षित रखने का पत्र जारी किया गया था. इस संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन भी दिए गए थे.  2018 और जुलाई  2021 में भी सांसद एवं विधान मंडल के सदस्यों के लिए सरकारी कार्य व्यवहार में उचित प्रक्रियाओं के अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था. फिर भी कई मामलों में देखा गया है कि राज्य में आयोजित राजकीय समारोह, मुख्यमंत्री या अन्य महानुभावों द्वारा किए जाने वाले शिलान्यास तथा उद्घाटन समारोह में स्थानीय सांसदों एवं विधायकों को आमंत्रित नहीं किया गया. साथ ही सम्मानजनक स्थान नहीं दिया गया.

हर हाल में विधायकों-सांसदों को सरकारी कार्यक्रमों में बुलायें

एक बार फिर से मुख्य सचिव ने आदेश दिया है कि राज्य में आयोजित राजकीय समारोह, मुख्यमंत्री या अन्य महानुभाव द्वारा किए जाने वाले शिलान्यास तथा उद्घाटन समारोह में स्थानीय सांसद एवं विधान मंडल के सदस्यों को निश्चित रूप से आमंत्रित करें .साथ ही उनके लिए सम्मानजनक स्थान आरक्षित किया जाना सुनिश्चित करें.

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