कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन शुरू, भाजपा-महागठबंधन से ये हैं टिकट के प्रमुख दावेदार

कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन शुरू, भाजपा-महागठबंधन से ये हैं टिकट के प्रमुख दावेदार

पटना. कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भरने की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई. निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार गुरुवार 10 नवंबर से नामांकन शुरू हो जाएगा. नामांकन के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है. समाहरणालय परिसर स्थित भूमि सुधार उप समाहर्ता पश्चिमी के कार्यालय में नामांकन होगा. नामांकन की आखिरी तिथि 17 नवंबर है. 

नामांकन पत्रों की जांच 18 नवंबर को होगी. उसके बाद स्क्रूटनी होगा और 21 नवंबर तक नामांकन वापस लेने के लिए तिथि निर्धारित है. कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान होना है. चुनाव परिणाम यानी मतगणना का काम आठ दिसंबर को होगा. मुजफ्फरपुर जिले के कुढनी विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 3,11,728 है. यहां पुरुष 1,64,474, महिला 1,46,507, थर्ड जेंडर छह और सेवा निर्वाचकों की संख्या 741 है. मतदान के लिए कुढनी विधानसभा क्षेत्र में 320 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. 

प्रशासन की ओर से भूमि सुधार उप समाहर्ता पश्चिमी खगेशचंद्र झा को निर्वाची पदाधिकारी बनाया गया है. साथ ही सहायक निर्वाची पदाधिकारियों में अंचलाधिकारी कुढ़नी, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुढऩी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कुढ़ऩी, अंचलाधिकारी सरैया, पुराअभिलेखपाल राजस्व अभिलेखागार पदाधिकारी मुजफ्फरपुर, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी कुढ़नी और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी कुढ़नी को शामिल किया गया है. 

दरअसल वर्ष 2020 में इस सीट से आरजेडी के टिकट पर अनिल सहनी जीते थे. घोटाले में फंसने की वजह से उनकी विधानसभा सदस्यता गई है. इसी कारण कुढनी में उपचुनाव हो रहा है. उस चुनाव में भाजपा ने यहां से केदार गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था, जो वैश्य समुदाय से आते हैं. ऐसे में इस बार हो रहे उपचुनाव एक बार फिर से भाजपा की ओर से केदार गुप्ता प्रबल दावेदारों में हैं. हालांकि इस बार वहां से बीजेपी युवा मोर्चा के प्रवक्ता शशि रंजन भी टिकट पर दावेदारी ठोक रहे हैं. भाजपा की तरह ही टिकट दावेदारी का पेंच महागठबंधन में भी फंसा है. जहाँ राजद इस सीट पर अपना दावा ठोंक रही है वहीं जदयू की ओर से भी घेराबंदी की जा रही है. जदयू की ओर से मनोज कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया जा सकता है. वे टिकट के प्रबल दावेदारों में हैं. वे 2005 से 2015 तक यहां से विधायक भी रह चुके हैं. वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार मात्र 712 वोट से जीते थे. ऐसे में भूमिहार, कोइरी, मल्लाह, यादव, वैश्य और मुसलमान जातियों की प्रभावशाली उपस्थिति वाले कुढ़नी में टिकट बंटवारे में जातियों के समीकरण को भी देखा जाएगा. 


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