खुशखबरी : चीन-रूस जैसे गैर-अंग्रेजी भाषी देशों से मेडिकल पीजी कोर्स करने वालों को मिलेगी मान्यता

खुशखबरी : चीन-रूस जैसे गैर-अंग्रेजी भाषी देशों से मेडिकल पीजी कोर्स करने वालों को मिलेगी मान्यता

NEWS4NATION DESK : चीनऔर रूस जैसे गैर-अंग्रेजी भाषी देशों से मेडिकल पीजी कोर्स एमडी और एमएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों को जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में भारत में मान्यता मिल सकती है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से रूस और चीन भी अपने यहां से एमडी या एमएस कोर्स करने वाले भारतीय छात्रों की डिग्री को मान्यता देने के लिए दबाव बना रहे थे। अब मंत्रालय के सुझाव पर एमसीआई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने रूस, चीन समेत सभी गैर-अंग्रेजी भाषी देशों से एमडी, एमएस करने वाले छात्रों को एक मौका देने का सैद्धांतिक फैसला किया है। 

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने इस प्रस्ताव को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी देकर मामले पर गहराई से विचार करने के लिए एक समिति गठित कर दी है। हालांकि, उन्हें इसके लिए डीएनबी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी और उनकी डिग्री भारत में एमडी या एमएस के समतुल्य न होकर डीएनबी के समकक्ष मानी जाएगी। 

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय फिलहाल भारत में सिर्फ पांच अंग्रेजी भाषी देशों अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से किए गए एमडी और एमएस की डिग्री को ही मान्यता देता है।

Find Us on Facebook

Trending News