कलंक कथाः पुलिस वाले ही नहीं 'इंजीनियर' भी हैं धनकुबेर ! मोतिहारी में पदस्थापित 'इंजीनियर' की चालाकी धरी गई, 'पत्नी' को 'बिल्डर' बना 'काले' को किया था 'सफेद'

कलंक कथाः पुलिस वाले ही नहीं 'इंजीनियर' भी हैं धनकुबेर ! मोतिहारी में पदस्थापित 'इंजीनियर' की चालाकी धरी गई, 'पत्नी' को 'बिल्डर' बना 'काले' को किया था 'सफेद'

PATNA: बिहार में छोटा अधिकारी हो या बड़ा,अपने-अपने हिसाब से रिश्वत के पैसे से अकूत संपत्ति अर्जित कर रहे। आज मंगलवार को विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति केस में पूर्णिया के एसपी दया शंकर के आठ ठिकानों पर छापेमारी की। रेड में अकूत संपत्ति का पता चला है। पूर्णिया से लेकर पटना तक पुलिस अधीक्षक के ठिकानों पर हुई छापेमारी से हड़कंप मच गया है। वैसे अकूत संपत्ति अर्जित करने में सरकारी इंजीनियर कहीं से पीछे नहीं. यूं कहें कि संपत्ति अर्जन में आगे हैं। इंजीनियर चुपचाप कमीशन के पैसे से काले धन के कुबेर बनते जा रहे हैं. निगरानी की छापेमारी में भ्रष्ट इंजीनियरों की पोल भी खुल रही है। दो महीने पहले एक भ्रष्ट इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी हुई तो 5.32 करोड़ रू नकद मिले थे। न्यूज4नेशन ने खुलासा किया था कि एक ऐसे ही धनकुबेर इंजीनियर हैं जिन्होंने अपनी पत्नी को बिल्डर बनाया। इंजीनियर की पोस्टिंग मोतिहारी जिले में है। हालांकि अभी तक इनके खिलाफ जांच शुरू नहीं हुई है। 

पत्नी को बिल्डर बनाकर काले धन को किया सफेद

 बताया जाता है कि इंजीनियर साहब ने बिल्डर पत्नी के नाम पर बनी कंपनी के माध्यम से काले धन को सफेद किया। वैसे जांच एजेंसी जब इंजीनियर साहब की कुंडली खंगालेगी तभी जाकर वास्तविकता से पर्दा उठेगा। इंजीनियर साहब की आमदनी का और कोई दूसरा श्रोत भी है या रिश्वत का पैसे को खपाने के लिए यह ट्रिक अपनाया था, यह जांच के बाद ही पता चलेगा। इंजीनियर साहब जिन्होंने पत्नी को बिल्डर बनाकर फ्लैट की बिक्री की पूरी जानकारी देते हैं। 

पत्नी के नाम पर बनाई कंपनी,संपत्ति के ब्योरा में उल्लेख नहीं किया 

जल संसाधन विभाग के एक कार्यपालक अभियंता भी अकूत सपंत्ति का मालिक बन बैठे हैं. उस इंजीनियर की पोस्टिंग पूर्वी चंपारण जिले में है। बताया जाता है कि उस इंजीनियर ने अपनी पत्नी को बिल्डर बनाकर अवैध कमाई को व्हाइट करने की भरपूर कोशिश की। इंजीनियर ने पत्नी के नाम पर कंपनी खोल लिया और राजधानी पटना में फ्लैट बनाने का काम शुरू किया। यह काम पिछले एक दशक से जारी है। सबसे बड़ी बात तो यह कि धनकुबेर इंजीनियर ने अपनी पत्नी के नाम कंपनी तो बनाया लेकिन उसकी जानकारी सरकार को नहीं दी है। यानी पोल खुलने के डर से उस इंजीनियर ने जानकारी छुपा ली।

संपत्ति की कुंडली 

जल संसाधन विभाग में तैनात इंजीनियर ने अपनी पत्नी के नाम पर.......होम डेवलपर्स कंपनी बनाई। इस कंपनी के माध्यम से इंजीनियर की पत्नी ने पटना में अपार्टमेंट बनाने का काम शुरू कर दिया। बताया जाता है कि बिल्डर पत्नी ने दिसंबर 2015 से फ्लैट बेचना शुरू कर दिया। दिसंबर 2015 में 34 लाख में फ्लैट की बिक्री की। इसके बाद रामजयपाल नगर में मई 2016 में 15 लाख में फ्लैट बेंचा, फिर 2016 में डेंटल कॉलेज के पास ही 26 लाख में एक फ्लैट की बिक्री की. फरवरी 2017 में गोला रोड में करीब 37 लाख में बिक्री की, सितंबर 2017 राम जयपाल नगर मेंं एक 9 लाख में बेंचा. इसके बाद इंजीनियर की बिल्डर पत्नी ने अप्रैल 2018 में गोला रोड में एक ही दिन 27 लाख, 23 लाख और 8 लाख में फ्लैट की बिक्री की। इसके बाद दिसंबर 2019 में आर्य समाज रोड में 30 लाख में एक फ्लैट की बिक्री की. 

पत्नी से खरीदा फ्लैट 

इंजीनियर ने 2018 में अपनी पत्नी से 37 लाख में एक फ्लैट को खरीदा। यानी बेंचने वाली पत्नी थी और सामने खरीददार पति था। इस तरह से इंजीनियर साहब ने पटना में अपने नाम पर फ्लैट की ख्वाइश पूरी की। 

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