बिहार में अब बाघों के बहार, दस साल में संख्या 40 के पार

बिहार में अब बाघों के बहार, दस साल में संख्या 40 के पार

PATNA : बिहार में बाघों का बहार है नीतीश कुमार है। जी हां बता दें कि पिछले 10 सालों में बिहार की बिहार में बाघों की संख्या तकरीबन 40 से पार हो चुकी है, यानी सिर्फ 10 सालों में 5 गुना की बढ़ोतरी। बाघों की लगातार घटती जनसंख्या से देश ही नहीं दुनिया चिंतित है इस स्थिति में बिहार में बाघों की संख्या का 40 होना एक शुभ संकेत है। 

संजय गांधी जैविक उद्यान से लेकर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व तक जो आंकड़े अनुमानित तौर पर तय किए गए हैं उनकी संख्या 40 से अधिक है। 2010 में जब बाघों की गणना की गई थी तो उस समय संख्या सिर्फ 8 थी। 2015 में 28 हो गई वहीं, 2017 में 32 और आज की तारीख में 40 सोने की संभावना है। यानी सिर्फ 9 सालों में बाघों की संख्या में 5 गुना की बढ़ोतरी हुई है। 

गौरतलब है कि 29 जुलाई को विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी बाघों की गणना रिपोर्ट जारी करेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि जिस ढंग से वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है उसके अनुसार देश के टॉप फाइव में वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व अपना स्थान बना सकता है।

बताया गया है कि 29 जुलाई को ही बिहार के उपमुख्यमंत्री सह पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सुशील कुमार मोदी बिहार में बाघों की संख्या के बारे में बताएंगे।

बता दें कि बिहार के सबसे बड़े जू संजय गांधी जैविक उद्यान में भी बाघ पाले जाते हैं। जहां उनकी संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। बहुत जल्द ही तमिलनाडु के चिड़ियाघर से एक जोड़ा बाग संजय गांधी जैविक उद्यान पटना लाया जाएगा जिससे बाघों की संख्या में और वृद्धि संभव है। 

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