BIHAR में अब चलेगी सिर्फ BJP-JDU वाली सरकार, धमकी देकर सरकार चलानेवाली पार्टियों की बोलती हुई बंद

BIHAR में अब चलेगी सिर्फ BJP-JDU वाली सरकार, धमकी देकर सरकार चलानेवाली पार्टियों की बोलती हुई बंद

PATNA : बुधवार को बिहार की राजनीति में जिस तरह का उलटफेर हुआ, उससे बीजेपी ने एक तीर से कई निशाने साध लिए हैं। जिनमें सबसे पहले वह बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। साथ ही मुकेश सहनी की राजनीतिक भविष्य को लेकर भी ग्रहण लगा दिया है। इसके साथ वीआईपी के तीन विधायकों को भाजपा में शामिल कराकर एक तरह से बिहार में एनडीए सरकार को भी लगभग सुरक्षित कर लिया है। अब बिहार में सरकार को तब ही किसी प्रकार का खतरा होगा, जब उनकी सहयोगी पार्टी जदयू की तरफ से बड़ा कदम उठाया जाए। फिलहाल, जो हालात हैं उसमें जदयू गठबंधन से अलग हो, उसकी संभावना नहीं के बराबर है।

अब धमकी वाली राजनीति नहीं

बिहार में मौजूदा सरकार में सहयोगी छोटी पार्टियां अपने विधायकों के समर्थन की धमकी देकर पिछले कुछ माह से मौजूदा नीतीश सरकार की परेशानी बढ़ाती रही हैं। लेकिन, बुधवार को भाजपा ने अपने एक कदम से ही बिहार में सरकार गिराने की धमकी देनेवाली दोनों प्रमुख सहयोगी पार्टियों की बोलती बंद कर दी है। जहां वीआईपी की संख्या जीरो हो गई है। वहीं मांझी के हम के चार विधायकों के नाम पर बार बार समर्थन वापस लेने की धमकी भी अब किसी काम की नहीं रह गई है। अब बिहार में जदयू और बीजेपी इस स्थिति में हैं कि उन्हें किसी भी दूसरी पार्टी के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। 

पूर्ण बहुमत का आंकड़ा

वीआईपी के तीनों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद अब भाजपा बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है। उनके पास 77 विधायक हैं। इसी तरह जदयू के पास फिलहाल 46 विधायक हैं। दोनों पार्टियों के कुल विधायकों की संख्या मिलाकर 123 हो गई है। जबकि बिहार में बहुमत का आंकड़ा 122 है। ऐसे में बिहार सरकार में दोनों पार्टियों के बीच जबतक तालमेल रहेगा, तब तक मौजूदा नीतीश सरकार को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। साथ ही जीतन राम मांझी की हम को भी अपनी मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाना आसान नहीं होगा।

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