... अभी मंत्री बहाली में लगे हैं सरकार... सर्द रातों में ठिठुरते शिक्षक अभ्यर्थियों की कौन सुनेगा...

... अभी मंत्री बहाली में लगे हैं सरकार... सर्द रातों में ठिठुरते शिक्षक अभ्यर्थियों की कौन सुनेगा...

डेस्क... मैंने अपनी जमीन 2 लाख में गिरवी रखकर शिक्षक बनने की सभी परीक्षाएं पूरी की। 2017 से लेकर अब 2021 होने को आया लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं मिला। घर के लोग कहते हैं देखो दूसरे का बेटा दिल्ली-बंबई जाकर अपना परिवार पाल रहा है, लेकिन तुम बोझ बने हो। आखिर ये ताना और दर्द कब तक सहेंगे हमलोग। क्या हमसे यही धरना-प्रदशर्न करवाने के लिए फिर से सरकार में आए थे नीतीश कुमार। यह कहना उस शिक्षक अभ्यर्थी का है, जो पटना के कंपकपाती सर्द में टेंट के नीचे बैठकर अपने हक की लड़ाई लड़ने आया है। 

राजधानी के गर्दनीबाग में हजारों की संख्या में सोमवार को बिहार शिक्षक बहाली को लेकर अभ्यर्थी पहुंचे और अपना दर्द हमसे साझा किया। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले 2 सालों से चल रहे हैं 94000 शिक्षकों की बहाली अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जिससे अभ्यर्थी नाराज हैं। अब हमारे पास करो या मरो के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है। हम इसी संकल्प को लेकर यहां पहुंचे हैं। अभ्यर्थियों का कहना था कि इस कंपकपाती ठंड में भी बहाली की उम्मीद लिए कोई सहरसा से तो कोई रोता से तो कोई भागलपुर से पहुंचा है। शायद.. हम अभ्यर्थियों की लाचारी है और दर्द सुनकर किसी का पत्थर दिल भी पिघल जाए। 

सर्दी शबाव पर है और पूरा पटना नींद की आगोश में है, लेकिन सोमवार की देर रात गर्दनीबाग में टेंट के नीचे हजारों अभ्यर्थी उस बात की सजा काट रहे हैं, जो उन्होंने की ही नहीं। यह विडंबना ही कहेंगे और कुछ नहीं। जब उम्मीदें टूट जाती हैं और हर बात अनसुनी हो जाती है तो आंदोलन ही एक रास्ता दिखता है। जाहिर है कि बिहार के दूर-दूर से हर एक जिले से आए छात्र अब गर्दनीबाग पहुंचने लगे हैं और खुद को महाआंदोलन की आग में झोंकने को तैयार हैं। इस आंदोलन से शायद सरकार इनकी गुहार सुन लेगी और शिक्षक बहाली का पूरी तरह से रास्ता साफ हो जाएगा। हैरानी की बात तो यह है कि 2 साल से बहाली की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक बिहार सरकार से 94000 शिक्षकों की बहाली नहीं हो पाई है। 

इतना ही नहीं बीते साल दिसंबर 2020 में कोर्ट के आदेश आने के बाद भी बिहार सरकार नहीं चैती और शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को बेवजह ही अधर में लटका कर रख दिया है। फिलहाल तो सरकार मंत्रियों की बहाली करने में लगी है तो वैसे भी अभ्यर्थियों की कौन सुने। वैसे भी बेगूसराय में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी कह चुके हैं कि बहाली की प्रक्रिया इस प्रकार से नहीं होगी। हम पर दबाव नहीं बनाएं। 

 कारण बताए नितीश सरकार कि क्यों नहीं होगी बहाली ?

शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है की  नहीं करनी थी बहाली  तो बाकी की प्रक्रिया क्यों करवाई . न्यायायिक प्रक्रिया को सरकार क्यूँ दरकिनार कर रही है . बड़ा सवाल है  की एक तरफ राज्य में जहां उच्च शिक्षा की हालत खराब है तो वही प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा की स्थिति भी बेहद दयनीय है . शिक्षकों की बहाली को लेकर सरकार लगातार टाल-मटोल का रवैया आपनाए हुए है. आखिर सरकार को बताना चाहिए की टीचर की बहाली कब तक होगी . पढ़े लिखे नौजवानों की फ़ौज को सरकार जब तक बेरोजगार बना कर रखेगी......

पटना से मदन कुमार की रिपोर्ट 

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