अब विदेशियों को भी आकर्षित कर रही पिंडदान की परंपरा, पितृमुक्ति की कामना लिए छह रुसी पिंडदानी पहुंची गया

अब विदेशियों को भी आकर्षित कर रही पिंडदान की परंपरा, पितृमुक्ति की कामना लिए छह रुसी पिंडदानी पहुंची गया

GAYA :  बिहार के गया को मोक्ष और ज्ञान की भूमि कहा जाता है. पितृपक्ष के मौके पर यहाँ अपने पितरों के लिए पिंडदान करने की परंपरा है. खासकर पितृपक्ष में मौके पर यहाँ दूर दूर पिंडदानी आते है. इन पिंडदानियों में देश ही नहीं विदेशों से लोग आते है. विदेशों में रहनेवाले लोगों को भी यह परंपरा अपनी ओर आकर्षित कर रही है. 

इसे भी पढ़े : नशे की हालत में चालक चला रहा था आई20 कार, स्कूटी में मारी टक्कर, छात्रा की हुई मौत

यहां आकर वे अपने पितरों की मुक्ति की कामना से पिंडदान और तर्पण के कर्मकांडों को पूरा करते हैं. इसी क्रम में रुस की छह महिला पिंडदानी ‘गया जी’ पहुंची है. इससे पहले इन सभी पिंडदानियों ने वाराणसी में पिंडदान के कर्मकांडों को पूरा किया.

इसे भी देखे : सासाराम में रेलवे ट्रैक पर मिला शिक्षक का शव, जांच में जुटी पुलिस

 गुरुवार से ये सभी महिला पिंडदानी ‘गया जी’ में अपने पूर्वजो की आत्मा के शान्ति के लिए पिंडदान और तर्पण  किया. गया पहुंचने वाली पिंडदानियों में रुस की एलेना कशिटसाइना, यूलिया वेरेमिनको, इरेस्को मगरिटा, औक्सना कलिमेनको, इलोनोरा खतिरोबा और इरिना खुचमिस्तोबा शामिल हैं.

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 

Find Us on Facebook

Trending News