बख्तियारपुर का नाम सुनते हीं भड़क गये CM नीतीश! मुख्यमंत्री बोले- क्या फालतू बात करते रहता है, नाम काहे बदलेगा ? वहां मेरा जन्म हुआ है

बख्तियारपुर का नाम सुनते हीं भड़क गये CM नीतीश! मुख्यमंत्री बोले- क्या फालतू बात करते रहता है, नाम काहे बदलेगा ? वहां मेरा जन्म हुआ है

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज जनता दरबार में शामिल हुए।इसके बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम नीतीश ने साफ कर दिया कि बख्तियारपुर का नाम बदलने की बात फालतू है। उन्होंने कहा कि बख्तियारपुर मेरा जन्मस्थान है उसका नाम क्यों बदलेगा ? 

फालतू बात है-सीएम

दरअसल बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने सीएम नीतीश से मांग किया था कि बख्तियारपुर का नाम बदला जाना चाहिए। जिस शख्स के नाम पर बख्तियारपुर का नाम है उसने ही नालंदा विवि को तबाह किया था। ऐसे में बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीश कुमार के नाम पर होना चाहिए। यह सवाल सुन नीतीश कुमार भड़क गये। उन्होंने कहा कि क्या फालतू का बात है। बख्तियारपुर का नाम क्यों बदलेगा ? वहां मेरा जन्म हुआ है। बख्तियारपुर के नाम पर फालतू का बात करते रहता है। आपको पता है कि जब ऑल इंडिया कानून बन रहा था तो पार्लियामेंट मेंबर ने क्या कहा....जिस नालंदा यूनिवर्सिटी को नष्ट किया गया वह यहीं पर कैंप रखा था और वहीं से नालंदा गया था। अब उसी बख्तियारपुर में जन्मा एक व्यक्ति है जो नये सिरे से नालंदा विवि बनवा रहा है। ऐसे में बख्तियारपुर का नाम बदलने की बात फालतू है। 

डेंगू को लेकर अलर्ट हैं-सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार अलर्ट है। सारण,गोपालगंज सिवान में जांच टीम भेजी गई थी और डेंगू की जांच की गई। गोपालगंज में डेंगू के 9 मरीज मिले। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बेड व दवा की कोई कमी नहीं है। सारा संसाधन मौजूद है। सरकार कोरोना के संभावित खतरे और बुखार जैसी बीमारी को लेकर लगातार एक्टिव है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितंबर को जन्म दिन है। उस दिन टीकाकरण का बड़ा कार्यक्रम होने वाला है। इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। 

दो दिनों तक सभी मंत्री जिलों का करेंगे दौरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर केंद्र से टीम आई थी। टीम ने आकलन किया है । उनसे हमारे अधिकारियों ने बात की है। हमने सुखाड़ के संभावित खतरे के मद्देनजर भी बैठक की है। बाढ़-सुखाड़ को लेकर हमारे सभी मंत्री प्रभार वाले जिलों में जाकर हालात का जायाजा लेंगे। इस दौरान सभी विधायक,सांसद चाहें तो रहें और प्रभारी मंत्री को जानकारी दें। 2 दिनों तक सभी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में बैठक कर समीक्षा करेंगे और फिर रिपोर्ट देंगे। 2 दिन में पूरा का पूरा रिपोर्ट कलेक्ट किया जाएगा।

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