एक बार फिर से! नल जल योजना के निर्माण में गड़बड़ी, टंकी में पानी भरते ही टूट कर गिर गया सीएम नीतीश का ड्रीम प्रोजेक्ट

एक बार फिर से! नल जल योजना के निर्माण में गड़बड़ी, टंकी में पानी भरते ही टूट कर गिर गया सीएम नीतीश का ड्रीम प्रोजेक्ट

मोतिहारी। सीएम की ड्रीम प्रोजेक्ट नलजल योजना से बनी जलमीनार पानी भरते ही छत सहित पानी टंकी भरभरा कर गिर गया ।जलमीनार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण में भगदड़ मच गया।ग्रामीणों की माने तो पानी भरते ही जलमीनार की छत गिरने से नलजल योजना के गुणवत्ता व लूट खसोट का पोल खोल रहा है।सीएम की ड्रीम प्रोजेक्ट नलजल योजना की सूक्ष्मता से जांच कराया जाय तो योजना में लूट खसोट व कमीशन का सबसे बड़ा खेल होने से इंकार नही किया जा सकता।मामला सूगैली नगर पंचायत वार्ड 18 का बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री की ड्रीम प्रोजेक्ट सात निश्चय योजना में शामिल नल जल योजना के तहत लगाये गये पाइप व टंकी की गुणवता की पोल पानी सप्लाई होने के साथ ही खुलने लगी है. कहीं टंकी में पानी भरते ही भरभराकर गिर जा रहा है तो कही पाइप से ही बीच में पानी निकलने लग रहा है. नगर पंचायत के वार्ड 18 भोजमहरा टोला में कुछ ऐसा ही मामला हुआ है, जहां पानी सप्लाई होते ही मीनार कि छत सहित टंकी भरभराकर गिर पड़ी. इस टंकी से पानी की आपूर्ति सभी तक पहुंचा ही नहीं कि पानी टंकी गिर गया. बताया जाता है कि पांच-पांच हजार लीटर की क्षमता वाली दो टंकियां सीमेंटेड मीनार पर रखी गई थीं. मीनार की छत जल का दबाव सहन नहीं कर पाई. इससे अनुमान लगाया जा सकता हैं कि कितना मानक के अनुसार कार्य हुआ है. घटना के वक्त वहां पर कोई मौजूद नहीं था. वरना कोई अनहोनी हो सकती थी. उल्लेखनीय है कि पानी टंकी के निर्माण में मानकता के उल्लंघन से इंकार नहीं किया जा सकता. लगातार नल जल योजना के कार्यों में बरती जा रही अनियमितता की पोल अब धीरे धीरे खुलती जा रही है. कार्यों में काफी घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है. हर घर नल का जल पहुंचाने की सरकार की महात्वाकांक्षी योजना को फेल कराने पर एजेंसी लगी हुयी है. इसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है.


गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे लोग

 लोगों का कहना है कि वार्ड 18 के नल जल योजना के क्रियान्वयन में भारी लूट खसोट की गई है. जिसके चलते जब टंकी में पानी चढ़ाया गया तो टावर का छत गिर गया और ऊपर लगी 2 टंकी आपस में टकराकर नीचे आ गिरी.  अगर पहले हीं योजना का कार्य गुणवत्तापूर्ण किया गया होता तो ऐसी नौबत हीं नहीं आती. लेकिन यहां राशि का दुरुपयोग किया गया है. जिसके चलते अब तक ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल का लाभ नहीं मिल पाया है. आक्रोशित ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नल जल योजना का कार्य कितनी गुणवत्ता से हुआ है? अंदाजा इसी से बात से लगाया जा सकता है कि टंकी में पानी चढ़ते हीं टावर मुड़ गया व एक टंकी जमीन पर आ गिरा. लोगो की मांग है कि अब इस योजना की गहनता से जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए. 

जिले में ऐसे कई मामले आए सामने

पूर्वी चंपारण जिला में अबतक एक दर्जन से अधिक जलमीनार पानी भरते ही ध्वस्त हो चुके है।प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकी दर्ज कर करवाई की गई है ।जिला के पहाड़पुर प्रखंड में पानी टंकी ध्वस्त होने के मामले में हुए प्राथमिकी में बड़ा खुलासा हुआ था ।डीएसपी के पर्यवेक्षण में पदाधिकारी जनप्रतिनिधि की कमीशन की बड़ी खेल का खुलासा होने के बाद भी करवाई फाइलों में ही रह गई ।इधर जलमीनार ध्वस्त होने को लेकर नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयाश किया गया।लेकिन संपर्क नही हो सका।

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