इस बार नहीं रुलाएंगी प्याज की कीमतें, मोदी सरकार ने अभी से ही कर ली है पूरी तैयारी

इस बार नहीं रुलाएंगी प्याज की कीमतें, मोदी सरकार ने अभी से ही कर ली है पूरी तैयारी

DESK : प्याज़ के बढ़ती कीमतों को लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस बार पहले से बड़ी तैयारी कर ली है। स्टोरेज को और बेहतर बनाने के लिए सरकार छात्र, रिसर्चर्स और स्टार्टअप के साथ मिलकर काम कर रही है. इसी के साथ सरकार नए टैलेंट को मौका भी दे रही है। 

केंद्र सरकार ने प्याज़ के बढ़ती कीमतों को लगाम लगाने के लिए राज्यों में प्याज का बफर स्टॉक सुनियोजित और लक्षित तरीके से उपलब्ध कराने का फ़ैसला किया है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने 2021-22 से 2 लाख टन के बफर स्टॉक से अधिक की खरीदारी इस वर्ष किया है. इस बार 2022-23 में बफर स्टॉक बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने 2.50 लाख टन प्याज की रिकॉर्ड खरीदारी की है. हर साल अगस्त से दिसंबर के बीच बाजार में प्याज की उपलब्धता कम हो जाती है, और बाज़ार में प्याज़ के दाम में वृद्धि हो जाती है. इसलिए सरकार प्याज़ के दाम को बढ़ने से रोकने के लिए अप्रैल-जून के दौरान ही बड़ी खरीद कर लेती है और बफर स्टॉक में स्टोर कर लेती है. ताकि कीमतों को स्थिर रखने के लिए सरकार इसी बफर स्टॉक को जरूरत के समय खुले बाजार में इस्तेमाल कर सके. 

प्याज़ को ज्यादा दिनों तक स्टोर कर के नहीं रखा जा सकता है क्यूंकि प्याज़ धीरे धीरे ख़राब होने वाली सब्जी है. कटाई के बाद प्याज़ का सड़ना और सूखना आम बात है. ऐसे में प्याज़ की शेल्फ-लाइफ को बढ़ने के लिए अब सरकार इसके स्टोरेज को नई टेक्नोलॉजी से जोड़ना चाहती है. प्याज की बर्बादी को रोकने के कुशल और किफायती उपाय विकसित करने के लिए सरकार ने ग्रैंड चैलेंज की घोषणा की है. इस चैलेंज में अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डिप्लोमा होल्डर छात्रों के साथ-साथ रिसर्चर्स और स्टार्टअप कंपनियां भी शामिल हैं. सरकार नई टेक्नोलॉजी को डेवलप करने पर काफी ध्यान दे रही है.

Find Us on Facebook

Trending News