सुशील मोदी ने संसद में दिया ऐसा सुझाव कि राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने भी जता दी सहमति

सुशील मोदी ने संसद में दिया ऐसा सुझाव कि राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने भी जता दी सहमति

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुशील कुमार मोदी ने मोदी सरकार से ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने और उस पर कराधान लगाने का आग्रह किया है. उनहोंने कहा, ऑनलाइन गेमिंग युवाओं के बीच एक लत बनता जा रहा है.

मोदी ने शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा में कहा, ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने की वकालत करते हुए मोदी ने कहा, युवाओं में यह एक बड़ी लत बनता जा रहा है. क्रिप्टो उद्योग की तरह इस क्षेत्र में निश्चित रूप से एक नियामक की कमी है. सरकार से ऑनलाइन गेमिंग के लिए नियमन का एक व्यापक ढांचा बनाने का आग्रह करते हुए कहा, अगर कोई नियमन नहीं बनता है तो हम अपने युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग एडिक्ट बनने से नहीं रोक पाएंगे.

मोदी ने कहा, ऑनलाइन गेमिंग की बढती लत युवाओं के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है. करोड़ों युवा इस ऑनलाइन गेमिंग के आदी हो गए हैं. चूंकि यह ऑनलाइन है, इसलिए बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के आदी होने से रोकना बहुत मुश्किल है. और अब इस ऑनलाइन गेमिंग को कई प्लेटफोर्म पर जुए या सट्टे में बदल दिया गया है.

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने सहमति व्यक्त की कि यह एक "बड़ा खतरा" है, और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मोदी के सुझावों पर ध्यान देने और इस पर कानून मंत्रालय से परामर्श करने के लिए कहा। सुशील मोदी ने डेटा स्रोत का हवाला दिए बिना कहा कि देश में गेमिंग पर युवाओं का समय व्यर्थ होने की अवधि बढती जा रही है. 

उन्होंने कहा, सदन को बताना चाहूंगा कि प्री-कोविड के दौरान, मोबाइल गेमिंग पर साप्ताहिक समय ढाई घंटे का था। स्मार्टफोन के कुल समय का 11 प्रतिशत गेमिंग पर खर्च किया गया। और लॉकडाउन के दौरान यह ढाई घंटे से बढ़कर चार घंटे हो गया है. आज के समय में 43 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता / लोग ऑनलाइन गेमिंग पर हैं। और 2025 तक अनुमान बढ़कर 65.7 करोड़ (एसआईसी) हो जाएगा। ऑनलाइन गेमिंग के कारण अर्जित राजस्व 13,600 करोड़ रुपये था, जिसके 2025 में बढ़कर 29,000 करोड़ रुपये होने की संभावना है. 

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