347 स्कूलों में सिर्फ दो हेडमास्टर, बिहार के इस जिले में जैसे-तैसे चल रही है शिक्षा व्यवस्था

347 स्कूलों में सिर्फ दो हेडमास्टर, बिहार के इस जिले में जैसे-तैसे चल रही है शिक्षा व्यवस्था

PATNA : बीपीएससी ने बीते गुरुवार को स्कूलों में हेडमास्टर की नियुक्ति का रिजल्ट जारी किया है। जिसमें 6421 रिक्त पदों में से सिर्फ 421 ही सफल हो सके। जबकि छह हजार सीटें अब खाली रह गई। इन सबके बीच बिहार के स्कूलों में हेडमास्टर की कितनी कमी है। यह बात दरभंगा के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों की स्थिति को देखकर समझा जा सकता है। यहां 347 स्कूलों में से सिर्फ दो में ही एचएम नियुक्त है। बाकि स्कूलों में प्रभारी एचएम से ही काम चलाया जा रहा है। 

1.41 लाख पढ़ते है इन 347 स्कूलों में

दरभंगा के इन 347 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 9वीं से 12वीं कक्षा तक में 1 लाख 41 हजार 839 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक के 194 स्कूलों में 1723 शिक्षक एवं 59 पुस्तकालयाध्यक्ष पदस्थापित हैं। स्कूलों की संख्या एवं छात्र अनुपात को देखते हुए करीब 7-8 हजार शिक्षकों की कमी बताई जा रही है। छठे चरण के शिक्षक नियोजन में माध्यमिक स्तर स्तर की रिक्ति 631 और उच्चतर माध्यमिक स्तर की रिक्ति 651 पर बहाली प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
 

मीडिल स्कूल के शिक्षक के भरोसे हाईस्कूल

2019 में  राज्य सरकार ने पंचायत स्तर पर 153 मध्य विद्यालयों को उत्क्रमित करके हाईस्कूल बना दिया। जिसमें पढ़ाई भी शुरू कर दी गई। लेकिन अब तक इन स्कूलों में 6-8 वर्ग के करीब 548 शिक्षकों के हवाले ही शिक्षण व्यवस्था है। जबकि हाई स्कूलों में 12 एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में 22 विषयों के शिक्षक होने चाहिए। जो किसी भी स्कूल में नहीं है। जहां तक प्रधानाध्यापकों की कमी की बात है तो वह अभी दूर दूर तक पूरा होने की उम्मीद कम दिख रही है।
 
 
जिले की उच्च शिक्षा व्यवस्था का आंकड़ा एक नजर में
स्कूलों की संख्या 347
 पूर्णकालिक एचएम 2
 नामांकित छात्रों की संख्या 1,41,839
 शिक्षकों की कुल संख्या 1723
 नियोजित शिक्षकों की संख्या 1686
 नियमित शिक्षक 37
 माध्यमिक शिक्षक 1159
 उच्च माध्यमिक 505
 पुस्तकालयाध्यक्ष 59


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