शिक्षक बहाली में दो वर्षीय डिप्लोमा ही मान्य, डीएलएड वाले नहीं कर सकेंगे अप्लाई

शिक्षक बहाली में दो वर्षीय डिप्लोमा ही मान्य, डीएलएड वाले नहीं कर सकेंगे अप्लाई

Patna : राज्य में प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली में सिर्फ दो वर्षीय डिप्लोमाधारी ही आवेदन कर सकेंगे। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने बिहार सरकार को इस बाबत स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति की न्यूनतम योग्यता दो वर्षीय डिप्लोमा है। ऐसे में 18 माह का डीएलएड डिग्रीधारी अप्लाई नहीं कर सकते है। 

एनसीटीई ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन को पत्र भेजकर इस बाबत साफ किया है। अवर सचिव डॉ. प्रभु कुमार यादव ने अपने पत्र में एनसीटीई के 23 अगस्त, 2010 और 29 जुलाई, 2011 के आदेश के हवाले कहा है कि कक्षा एक से पांच और कक्षा छह से आठ में नियुक्ति के लिए वही अभ्यर्थी योग्य होंगे जिनके पास एलिमेन्ट्री एजुकेशन में दो वर्षीय डिप्लोमा (डीएलएड) की योग्यता होगी। 

एनसीटीई ने यह भी कहा है कि एनआईओएस ने एनआरसी और एनसीटीई के 22 सितम्बर, 2017 के आदेश से सरकारी, प्राइवेट और अनुदानित प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को इन सर्विस ट्रेनिंग के रूप में डीएलएड कार्यक्रम चलाया है। इसकी अवधि भी 18 माह ही थी।

बहरहाल एनसीटीई के शुक्रवार के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया कि एनआईओएस की डीएलएड डिग्री पाने वाले शिक्षा विभाग की ताजा बहाली प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे। एनआईओएस से 18 माह का यह कोर्स देशभर के 12 लाख और बिहार के करीब 2.63 लाख लोगों ने किया था। अब इनमें से कोई भी प्रारंभिक विद्यालयों की शिक्षकों की नियुक्ति में आवेदक नहीं हो सकेंगे। इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग पर दबाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिक्षा विभाग ने न सिर्फ इस मामले पर एनसीटीई से मार्गदर्शन मांगा था, बल्कि उनका निर्देश हवाई जहाज से लेकर अधिकारी शुक्रवार को पटना के लिए चले।

बता दें बिहार में प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया इसी 18 सितम्बर से आरंभ होनी है। आवेदन 17 अक्टूबर तक जमा किये जाने हैं।

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