औरंगाबाद के सुदूरवर्ती क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप, ग्रामीण चिकित्सक के सहारे घर में ही इलाजरत हैं 2 दर्जन से अधिक लोग

औरंगाबाद के सुदूरवर्ती क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप, ग्रामीण चिकित्सक के सहारे घर में ही इलाजरत हैं 2 दर्जन से अधिक लोग

AURANGABAD: बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं की मौजूदा स्थिति क्या है, यह किसी से भी छुपी नहीं है। शहरों और जिला मुख्यालयों में तो सरकारी अस्पताल सहित निजी क्लीनकों में इलाज मुहैया हो ही जाता है। मगर समस्या आती है ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों को, जहां ना तो मेडिकल टीम समय पर पहुंचती है और ना ही सरकार द्वारा नियुक्त किए गए डॉक्टर्स। ऐसे में यदि कोई महामारी जैसी स्थिति बनती है, तो हालात काबू में करना मुश्किल हो जाता है।


नत्थू बिगहा में डायरिया का प्रकोप

औरंगाबाद के मदनपुर के नत्थू बिगहा में डायरिया ने कोहराम मचा रखा है। 2 दर्जन से भी अधिक लोग इससे ग्रसित हैं मगर अभी तक मेडिकल की कोई भी टीम इस गांव तक नहीं पहुंच सकी है। सभी मरीज और उनके परिजन ग्रामीण चिकित्सकों के भरोसे हैं और आदेशानुसार ही घर पर चिकित्सीय सुविधा ले रहे हैं।

मेडिकल टीम के नहीं पहुंचने से हताश है ग्रामीण

ग्रामीण सुंदर रिकसियान ने बताया कि लोगों को बीमार हुए काफी वक्त बीत चुका है। बच्चे-बड़े सभी को मिलाकर कुल 25 लोग बीमार हैं। इनमें से कई लोगों की हालत ज्यादा बिगड़ जाने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अबतक सीएचसी से मेडिकल टीम लोगों का हालचाल लेने पहुंची नहीं है।

सीएचसी पदाधिकारी के अलग हैं सुर  

हालांकि गांव को लेकर जब मदनपुर सीएचसी पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो डॉ यतीन्द्र कुमार ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है। खबर मिलते ही टीम का गठन किया गया है। टीम में डॉ फैजान, आशा फैसिलिलेटर और आशा कर्मी शामिल हैं। पीड़ित लोगों की लिस्ट बनाई गई है। ओआरएस, स्लाइन और जरूरी दवाइयां लेकर टीम भेजी गई है। इसके बाद भी यदि हालत में सुधार नहीं होता है, तो अस्पताल में वैसे मरीजों का इलाज किया जाएगा।

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