उल्लू भी होते हैं बेशकीमती, इस विशेषता के कारण देखने के लिए लग गई लोगों की भीड़

उल्लू भी होते हैं बेशकीमती, इस विशेषता के कारण देखने के लिए लग गई लोगों की भीड़

SUPOUL : उल्लू, एक ऐसा शब्द, जिसे आमतौर पर बेवकूफी की जगह इस्तेमाल किया जाता है। एक ऐसा शख्स जिसका कोई महत्व नहीं होता है। यह बात तो इंसानों की हुई, लेकिन बात अगर वास्तविक उल्लू की करें तो सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में एक ऐसा उल्लू पकड़ा गया है, जिसकी कीमत हजारों में नहीं बल्कि दस लाख से भी अधिक बताई जा रही है। इस उल्लू के मिलने का बाद उसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। फिलहाल इस पक्षी को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है और अब उसे पटना जू में भेजने की तैयारी की जा रही है।

सुपौल वन विभाग के अनुसार पकड़ा गया उल्लू अमेरिकन बर्न प्रजाति का है। बताया गया कि त्रिवेणीगंज के डपरखा निवासी राहुल कुमार के घर के पास कहीं से उड़कर एक अद्भूत उल्लू आया. जिसे कुछ कौए घेर कर चोंच मार रहे थे. तभी वहां मौजूद लोगों की नजर उस पर पड़ी. इसके बाद लोगों ने उल्लू को पकड़ लिया और इसकी सूचना डीएफओ को दी। यहां पहुंच कर देखा तो पाया कि यह एक अमेरिकन बर्न प्रजाति का उल्लू है. जिसे रेस्क्यू कर लिया गया है.उन्होंने बताया कि यह प्राय: ठंडे देशों में पाये जाते हैं. अमेरिका व इंग्लैंड सहित तमाम यूरोपीय देशों में यह पाया जाता है।

धीरे धीरे हो रहे हैं विलुप्त, यह है खासियत

डीएफओ सुनील कुमार शरण ने बताया कि इस प्रजाति के उल्लू के अंतर्राष्ट्रीय बाजार और भारत में बर्न उल्लू की कीमत 8 से 10 लाख रुपये है. यह बहुत ही कीमती और महत्वपूर्ण पक्षी है. इसे फसल बर्बाद करने वाले कीड़ों का दुश्मन भी माना जाता है। लेकिन खेतों के कम होने के कारण इसकी संख्या लगातार घटती जा रही है। लेकिन यहां जो उल्लू आया है, उसके लिए अनुकूल समय है. इस पक्षी का मुख्य खाना चूहा है.

पटना जू भेजने की तैयारी

डीएफओ ने बताया कि पकड़े गए उल्लू को रखने के लिए पटना जू प्रबंधन से बात की जा रही है। वहां से जिस प्रकार का निर्देश दिया जाएगा, उसके अनुसार काम किया जाएगा। 

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