पैसे के अभाव में बीमार बच्चे को गोद में लेकर भटक रहे माता-पिता को है मसीहा का इंतजार

 पैसे के अभाव में बीमार बच्चे को गोद में लेकर भटक रहे माता-पिता को है मसीहा का इंतजार

लखीसराय। सूर्यगढा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पीरीबाजार थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित बरियारपुर पंचायत के   टाली कोड़ासी बरियारपुर के उपेन्द्र कोड़ा के 9वर्षीय मासूम निरज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इस मासूम बच्चा के गरीब माता-पिता को अपने कलेजे के टुकड़े को जीवन दान के लिए किसी मसीहा का इंतजार है। माता-पिता  समाज के रहनुमा  से लगा रहे है मदद की गुहार मगर अभी तक कोई भी सामाजिक कार्यकर्ता या जिला प्रशासन से किसी प्रकार का मदद नहीं मिला है।

बताया जा रहा है कि 9 वर्षीय  मासूम नीरज चार माह पहले बीमार पड़ा था। स्थानीय चिकित्सको ने बड़े डॉक्टर से दिखाने को कहा गरीब माता-पिता  किसी तरह कृष्णा सेवा सदन लखीसराय ले गये। जहांँ डॉक्टरों ने क्लिनिकल जांच के बाद आईजीएमएस पटना ले जाने को कहा   लेकिन इलाज के लिए पैसा न होने की वजह से नीरज का जिंदगी गरीबी के चौखट पर जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। 


यहाँ तक की लखीसराय में इलाज के दौरान डॉक्टर के द्वारा नाक में लगे पाइप को निकलवाने के लिए इन लाचार और बेबस माता-पिता को पैसा नहीं है। वहीं पड़ोसी मरनी देवी ने बताया कि डॉक्टरों के द्वारा पटना ले जाने को कहा गया है लेकिन अगर किसी तरह पटना चले गए तो वहां खाने के लिए कौन देगा? पिछले तीन महीने से घर में इलाज के अभाव में पड़ा हुआ आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि ने सुधि नहीं लिया है।  पूरा परिवार दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो गया है।

यह बिहार की उन स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मुंह चिढ़ा रही हैं, जिनके बारे में कहा जाता है इससे गरीबों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। सरकारी अस्पताल में आज भी स्थिति वैसी ही है, जैसा कि डेढ़ दशक पहले हुआ करता था।

Find Us on Facebook

Trending News