पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने रखा अपना पक्ष: ग्राहक चिंतित न हों, 1 सितंबर को ट्रिब्यूनल में सुनवाई जहां से मिलेगा न्याय

पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने रखा अपना पक्ष: ग्राहक चिंतित न हों, 1 सितंबर को ट्रिब्यूनल में सुनवाई जहां से मिलेगा न्याय

Patna: रेरा ने पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन कंपनी के तीन प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन आवेदन रद्द कर दिया है.रेरा ने इस संबंध में आर्डर जारी कर दिया है।इसके बाद कंपनी के सलाहकार ने अपनी बात रखी है। पूरे मामले पर पल्लवीराज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ग्राहकों के कन्फ्यूजन दूर करने को लेकर अपना पक्ष रखा है . 

ग्राम पंचायत से पास नक्शा को बताया गया अवैध 

रेरा ने कंपनी के तीन प्रोजेक्ट्स गोवा सिटी, मुंबई रेजिडेंसी और बॉलीवुड रेजिडेंसी के निबंधन के आवेदन को खारिज किया है. बिल्डर पर प्रोजेक्ट का नक्शा नहीं पास करवाने का आरोप लगाया गया है. हालांकि कंपनी ने ग्राम पंचायत के द्वारा प्रोजेक्ट का नक्शा पास करवाया था जिसे अवैध करार दिया गया है.

कंपनी के सलाहकार का दावा

कंपनी के सलाहकार ने दावा किया है कि ग्राम पंचायत से पास नक्शे के आधार पर कई बिल्डर अपने प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. जिसे निबंधित भी किया गया है. कंपनी के सलाहकार ने यह बताया कि पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन ने रेरा के जितने मापदंड थे उसको ससमय पूरा किया . इसके बाद भी आवेदन को खारिज कर दिया गया।उन्होंने बताया कि  पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन से जुड़ा मामला ट्रिब्यूनल कोर्ट में चल रहा है. जिसकी अगली सुनवाई 1 सितंबर को होनी है.

1 सितंबर को ट्रिब्यूनल में सुनवाई

कंपनी के सलाहकार ने बताया कि रेरा अधिनियम के तहत किसी भी प्रोजेक्ट के निबंधन की आवेदन तिथि से 30 दिनों के अंदर निबंधन को खारिज करने का प्रावधान है. अगर रेरा 30 दिनों के अंदर कोई निर्णय नहीं लेता है तो प्रोजेक्ट कानूनी तौर पर स्वतः ही निबंधित माना जाता है. इस अधिनियम के हिसाब से पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट गोवा सिटी, बॉलीवुड रेजिडेंसी को रजिस्टर क्यों नहीं माना जाए? तीनों प्रोजेक्ट के आवेदन को करीब 2 साल बाद खारिज किया गया। जब एक ही प्रकार के बहुत सारे प्रोजेक्ट्स को रजिस्टर्ड किया गया है तो फिर पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ दोहरा कानून क्यों ?  कंपनी के सलाहकार ने कहा कि सारी प्रक्रिया को नियत समय पर पूरा किया गया. फिर भी कार्रवाई किया गया। अब पूरे मामले की सुनवाई ट्रिब्यूनल में होना प्रस्तावित है। 1 सितंबर को ट्रिब्यूनल में इस मामले की सुनवाई होगी जहां से पूरी न्याय मिलने की उम्मीद है। 

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