लखीसराय में पंचायत ने सुनाया तालिबानी फैसला, आरोपी को दी गई थूक चाटने की सजा

लखीसराय में पंचायत ने सुनाया तालिबानी फैसला, आरोपी को दी गई थूक चाटने की सजा

लखीसराय. बिहार में कई बार पंचायतों के फैसले तालिबानी साबित हो जाते हैं. तालिबानी फैसले यानी ऐसे फैसले जो अमानवीय हों. अब ऐसा ही एक मामला लखीसराय जिले में प्रकाश में आया है जहां एक महिला के घर में जबरन घुसे आरोपी को पंचायत ने थूक चाटने की सजा सुनाई और उससे थूक चटवाया गया. 

लखीसराय जिले के बड़हिया प्रखंड के  ग्राम कचहरी ऐजनी घाट में यह तालिबानी फैसला सुनाया गया है. आरोप था कि मार्च महीने में विरुपुर थाना क्षेत्र के ऐजनी घाट में उपेन्द्र रजक की पत्नी घर में थी. रात में उसी गांव के नारायण रजक का बेटा भूषण रजक गलत नीयत से महिला के घर में घुस गया. जब महिला ने शोर मचाया तब भूषण रजक वहां से फरार हो गया. 

हालांकि भागने के दौरान भूषण का टॉर्च और उसकी लुंगी महिला के घर में रह गई. इससे भूषण की पहचान हुई और मामला पंचायत में पहुंचा. 25 मार्च को हुई पंचायत की बैठक में दोनों पक्षों की रजामंदी से फैसला सुनाया गया. लेकिन यह फैसला पूरी तरह से तालिबानी था. 

पंचायत ने भूषण को दोषी मानते हुए उसे कान पकड़कर पांच बार उठक-बैठक करने की सजा दी. साथ ही कहा गया कि भूषण को थूक चाटना होगा. इसके अलावा उसे महिला को 25 हजार रुपए जुर्माना भी देना होगा. पंचायत के फैसले को मानते हुए भूषण भी थूक चाटने को तैयार हो गया. यहां तक कि भूषण के थूक चाटने का वीडियो भी बनाया गया. अब वीडियो वायरल होने पर लोग पंचायत के निर्णय पर आश्चर्य जता रहे हैं. इसे तालिबानी फैसला बता रहे हैं. दरअसल अफगानिस्तान सहित कई देशों में आरोपियों को इसी तरह की अमानवीय सजा दी जाती है. 

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब लोग पंचायत के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं. सरपंच द्रोपदी देवी के लेटरहेड पर लिखित फैसले को मानव गरिमा के खिलाफ बताकर पंचायतों के ऐसे तालिबानी फैसले की निंदा कर रहे हैं. हालांकि इस मामले में थूक चाटने वाले पक्ष की ओर से थाने में या मानवाधिकार संगठन में अभी तक शिकायत नहीं की गई है. 

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