पंचायती राज चुनाव: कौन-कौन मुखिया और उप मुखिया नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, जानिये यहां

पंचायती राज चुनाव: कौन-कौन मुखिया और उप मुखिया नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, जानिये यहां

पटना. बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर घोषणा हो गयी है. इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला किया है. अब कदाचार के आरोप में पद से हटाए गए मुखिया और उप मुखिया 5 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. ऐसे लोग अगर नामांकन करते भी हैं, तो उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा.

राज्‍य निर्वाचन आयोग ने एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 के तहत जिन मुखिया और उप मुखिया पर पदों के दुरुपयोग का आरोप लगा है, प्रमंडलीय आयुक्त अथवा राज्य सरकार द्वारा पद से हटाए गए हों तथा सक्षम प्राधिकार अथवा न्यायालय द्वारा इसे स्थगित या रद्द नहीं किया गया हो, वे पद से हटाए जाने की तिथि से 5 साल तक पंचायत चुनाव में उम्मीदवार नहीं हो सकेंगे.

वहीं, आयोग की ओर से यह स्पस्ट किया गया है कि पंचायत चुनाव में आंगनबाड़ी सेविका, साक्षरता अभियान, विशेष शिक्षा केंद्रों में मानदेय पर कार्यरत अनुदेशक, पंचायत के अधीन मानदेय, अनुबंध पर कार्यरत पंचायत शिक्षा मित्र, न्याय मित्र, विकास मित्र, टोला सेवक, मानदेय पर कार्यरत दलकर्मी, केंद्र या राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकार से पूरी तरह  अथवा आंशिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक संस्थाओ में कार्यरत शिक्षक, प्रोफेसर, शिक्षकेत्तर कर्मी, रसोइया, मानदेय पर कार्यरत कर्मी, गृहरक्षक, सरकारी वकील और लोक अभियोजक के साथ ही सहायक लोक अभियोजक अभ्यर्थी का प्रस्तावक नहीं बन सकते है.

11 चरणों में होंगे मतदान

बता दें कि बिहार में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है. इसके तहत प्रदेश में 11 चरणों में मतदान करवाए जाएंगे. अधिसूचना जारी होने के साथ ही राज्य में चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है. नोटिफिकेशन के अनुसार 24 सितंबर को पहले चरण के लिए वोटिंग होगी और 12 दिसंबर को अंतिम चरण के लिए मतदान होंगे. वहीं इस बीच बाढ़ग्रस्त 16 जिलों में पहले चरण में वोटिंग नहीं करवाई जाएगी.


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