श्रावणी मेले को लेकर हुई बैठक में पंडा धर्म रक्षिणी सभा नहीं किया गया शामिल, पंडों ने जताया विरोध

श्रावणी मेले को लेकर हुई बैठक में पंडा धर्म रक्षिणी सभा नहीं किया गया शामिल, पंडों ने जताया विरोध

NEWS4NATION DESK : देवघर श्रावणी मेला को सुचारु रुप से संचालित कराने को लेकर आज मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन के बीच बैठक का आयोजन हुआ। बैठक के दौरान मेले को लेकर की जाने वाली तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर विचार-विर्मश हुआ। 

बैठक के बाद डीसी ने बताया कि श्रावणी मेला में हर साल देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते है। उनकी सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की जाती है। वहीं मेले को सुचारु रुप से संपन्न कराने को लेकर मंदिर प्रशासन का भी सहयोग जरुरी होता है। 

उन्होंने बताया कि वर्षो से यह परंपरा रही है कि मेले की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए योजना तैयार करते है। उसी परंपरा के तहत आज इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान मेले में आने वाले लोगों की सुविधा को लेकर किन-किन बातों का ध्यान रखना जरुरी है इसको लेकर चर्चा की गई। 

डीसी ने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा का सामना न करना पड़े इसकी पूरी व्यवस्था की गई है। वहीं मंदिर प्रशासन की ओर से इसमें पूरा सहयोग किये जाने की बात की है। 

इधर बैठक में पंडा धर्म रक्षिणी सभा को शामिल नहीं किये जाने पर सभा की ओर से विरोध जताया गया है। पंडा धर्म रक्षिणी सभा के महामंत्री महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर मंदिर प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर प्रभारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। 

ठाकुर ने कहा कि बिना पुरोहितों के सहयोग के मेला संपन्न नहीं कराया जा सकता। पुरानी परंपरा के अनुसार बैठक में अध्यक्ष महामंत्री और सदस्यों को निमंत्रण देकर बुलाया जाता है, लेकिन इस बार उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया।  सिर्फ दीवार पर नोटिस चिपका कर बैठक का आयोजन कर दिया गया। हम इस बात का विरोध करते है। 

देवघर से सुनील की रिपोर्ट


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