बिहार उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश उत्तराखंड झारखंड छत्तीसगढ़ राजस्थान पंजाब हरियाणा हिमाचल प्रदेश दिल्ली पश्चिम बंगाल

LATEST NEWS

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे पशुपति पारस ! केंद्रीय मंत्री सह राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से की मुलाकात, सियासी गलियारों में हलचल तेज

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे पशुपति पारस ! केंद्रीय मंत्री सह राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से की मुलाकात, सियासी गलियारों में हलचल तेज

PATNA: रालोजपा प्रमुख पशुपति पारस आज केंद्रीय मंत्री सह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। पारस के साथ उनके भतीजे और पूर्व मंत्री प्रिंस पासवान भी मौजूद रहे। पारस ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर दी। उन्होंने कहा कि, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री भाई जेपी नड्डा से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें केंद्रीय मंत्री बनने और लगातार तीसरी बार एनडीए सरकार बनने पर बधाई दी। वहीं पारस के नड्डा से मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज है। 





दरअसल, लोकसभा चुनाव में एनडीए की ओर से बिहार में एक भी लोकसभा सीट नहीं दिया गया था। वहीं चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रा) को 5 सीट मिली। जिसके बाद पशुपति पारस के नाराजगी की खबरे सामने आई। पारस ने केंद्रीय मंत्री के पद से भी ये कह कर इस्तीफा दे दिया कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है। हालांकि बावजूद इसके पारस बीजेपी के साथ गठबंधन में बने रहे। पारस ने बिहार में लोकसभा चुनाव में एनडीए का समर्थन करने का ऐलान किया।





वहीं अब माना जा रहा है कि पारस बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। 2025 में बिहार विधानसभा का चुनाव होने वाला है। जिसको लेकर पासर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। बीते दिन पारस ने कहा था कि, लोकसभा के चुनाव में मेरा और मेरे पार्टी के साथ नाइंसाफी हुई। इसके बाद भी हमलोग राष्ट्र हित में एनडीए के साथ बने रहे। 





पारस ने यह भी ऐलान किया है कि अगर बिहार विधानसभा में उनको उचित सम्मान नहीं मिलता है तो वो किसी भी फैसले को लेने के लिए स्वतंत्र है। वो एनडीए भी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने पूरी ईमानदारी से बीजेपी के कार्यकर्ता को जिताने का प्रयास किया। सूत्रों की मानें तो पारस बीजेपी से बिहार विधानसभा में 20 सीटों की मांग रखी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर उन्हें विधानसभा में उचित सम्मान नहीं मिलता है तो वो विचार करेंगे और एनडीए को छोड़ भी सकते हैं।    


Suggested News