पटना एयरपोर्ट पर CRPF जवानों के पार्थिव शरीर को देख भावुक हुए तेजस्वी, बोले- मिलना चाहिए शहीद का दर्जा

पटना एयरपोर्ट पर CRPF जवानों के पार्थिव शरीर को देख भावुक हुए तेजस्वी, बोले- मिलना चाहिए शहीद का दर्जा

पटना : जम्मू कश्मीर के बारामूला में आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के दोनों जवानों का पार्थिव शरीर आज पटना पहुंचा. पटना एयरपोर्ट पर सीआरपीएफ के जवानों की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान बिहार के सरकार के कई मंत्री लेकर विपक्ष के नेता भी पहुंचे. वहीं तेजस्वी यादव ने सीआरपीएफ के जवानों को श्रंद्धाजलि देने के बाद बड़ा बयान दिया. 

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बारामूला में हमारे दो जवान शहीद हुए हैं उनको हम सलाम करते हैं. उनके परिवार को मजबूती देने के लिए हम संवेदना प्रकट करते हैं. पूरा देश जवान के परिजनों के साथ खड़ा है. जवानों ने जो बहादूरी का काम किया है, उनकी शहादत को पूरा देश कभी नहीं भूल पाएगा. हम लोग शुरू से कहते रहे हैं कि जो पैरामिलिट्री फोर्सेज हैं उनको भी शहीद का दर्जा मिलना चाहिए. अभी तक सिर्फ सेना के जवानों को ही शहीद का दर्जा मिलता है. सीआरपीएफ, आईटीबीपी फोर्स या जितनी भी मिलिट्री फोर्स है, जो मुठभेड़ में शहीद होते हैं. उन जवानों को शहीद का दर्जा नहीं है. हम भारत सरकार से मांग करेंगे कि इन्हें भी शहीद का दर्जा दें. अगर रोजगार या फिर आर्थिक मदद करने की बात हो, तो हम सबको करना चाहिए. 

बता दें कि पटना एयरपोर्ट पर शहीद जवानों को बिहार के मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, जय कुमार सिंह, प्रेम कुमार, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी. वही इस मौके पर पटना कमिश्नर, एसएसपी और सीआरपीएफ के बड़े अधिकारी मौजूद रहे.

गौरतलब है कि बीते सोमवार को जम्मू कश्मीर के बारामुला इलाके में आतंकियों ने एक नाका पर सीआरपीएफ के जवानों को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया, जिसमें जम्मू कश्मीर के एसपीओ मुजफ्फर अहमद सहित कुल तीन लोग शहीद हो गए हैं.

शहीद हुए सीआरपीएफ के दोनों जवान बिहार के रहने वाले थे. सीआरपीएफ मुख्यालय के अधिकारियों ने इस मामले में बताया कि सुबह सीआरपीएफ के 119 वीं बटालियन के दो जवानों के उपर आतंकियों ने हमला किया था. जिसके बाद मौके पर ही 41 साल के खुर्शीद खान और लवकुश सुदर्शन शर्मा शहीद हो गए.

शहीद खुर्शीद खान ड्राइवर के रुप में तैनात थे तो वहीं लवकुश सुदर्शन शर्मा सैनिक के रुप में तैनात थे. शहीद जवान खुर्शीद खान मूल रूप से बिहार के रोहतास जिला के रहने वाले थे, जबकि शहीद लवकुश सुदर्शन शर्मा जिनकी उम्र महज 27 साल थी बिहार के जहानाबाद जिला के रहने वाले थे।

Find Us on Facebook

Trending News