अब सुप्रीम कोर्ट ने पटना कलेक्ट्रेट भवन तोड़ने पर लगाई रोक, आनन फानन में 2 दिन पहले CM नीतीश ने किया था शिलान्यास

अब सुप्रीम कोर्ट ने पटना कलेक्ट्रेट भवन तोड़ने पर लगाई रोक, आनन फानन में 2 दिन पहले CM नीतीश ने किया था शिलान्यास

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उद्घाटन और शिलान्यास का दौर चल रहा है. इसी कड़ी में सीएम नीतीश कुमार ने बीते 16 सितंबर को पटना कलेक्ट्रेट भवन का शिलान्यास किया गया. इस शानदार भवन को 25 महीने में पूरा करने का लक्ष्य भी रखा गया.  लेकिन इस बार सीएम नीतीश कुमार ने शिलान्यास करने में थोड़ी जल्द बाजी कर दी. सीएम साहब ने पटना कलेक्ट्रेट भवन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने का इंतजार भी नहीं किया. और आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया. जिसके बाद पटना कलेक्ट्रेट के नए भवन बनने पर ही ग्रहण लग गया. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने पटना कलेक्ट्रेट भवन को नए सिरे से बनाने पर रोक लगा दी है. यानी अब पटना कलेक्ट्रेट भवन को तोड़कर कर नया भवन नहीं बनाया जा सकेगा. 

बता दें कि कलेक्ट्रेट हेरिटेज बिल्डिंग है या नहीं, इसे लेकर पटना हाईकोर्ट में एक साल से मामला चल रहा था. इनटैक्ट नाम की एक संस्था ने पटना कलेक्ट्रेट की बिल्डिंग को हेरिटेज बताते हुए इस तोड़ने पर रोक लगाने का मामेला दर्ज कराया था. इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने कला संस्कति विभाग के प्रधान सचिव रवि परमार के नेतत्व में एक अर्बन हेरिटेज कमीशन का गठन किया. इस कमीशन ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में संस्था के दावे का खारिज कर दिया. अब इसी कमीशन के रिपोर्ट के आधार पर पटना हाईकोर्ट ने कलेक्ट्रेट के निर्माण की अनुमति दे दी है. जिसके बाद  इनटैक्ट संस्था ने सुप्रीम कोर्ट का दरबाजा खटखटाया. और आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पटना कलेक्ट्रेट की बिल्डिंग को तोड़ने पर रोक लगा दी है.

इससे पहले बीते बुधवार को सीएम नीतीश कुमार ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पटना कलेक्ट्रेट भवन का शिलान्यास किया. इस शानदार भवन को 25 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. नए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण की लागत 153 करोड़ 53 लाख 14 हजार 509 रुपये हैं. कलेक्ट्रेट का मुख्य भवन 5 मंजिला बनना था. इसी मुख्य भवन में डीएम का ऑफिस होना था. इसके आस पास दो और 4 मंजिला भवन बनाया जाना था. नए कलेक्ट्रेट भवन में 39 विभाग का ऑफिस रहेगा. इसमें सबसे टॉप फ्लोर पर डीएम का चैंबर होगा. डीडीसी और एसडीओ के कार्यालय का अलग से इंट्री गेट होगा. वहीं जिला परिषद के कार्यालय के लिए भी अलग से इंट्री गेट होगा. 


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