पटना डीएम ने जलजमाव पीड़ितों से की अपील-- बंद घर में कदम रखने से पहले इन बातों पर दें ध्यान

पटना डीएम ने जलजमाव पीड़ितों से की अपील-- बंद घर में कदम रखने से पहले इन बातों पर दें ध्यान

PATNA: पटना डीएम कुमार रवि ने राजधानी पटना के जल जमाव पीड़ितोंं से अपील की है कि जल जमाव एवं बाढ़ग्रस्त घरों के अंदर कदम रखने से कुछ बातों पर ध्यान  दें। पटना डीएम ने लोगों से अपील किया है कि यदि हो सके तो खिड़कियों को बाहर से खोलें और इसे थोड़ी देर के लिए खुले रहने दें। घर के बाहर कुछ देर इंतजार करके यह सुनिश्चित करें कि घर से बदबू नहीं आ रही हैं। यह भी सुनिश्चित करें कि पानी के आने के कारण छत और दीवारे क्षतिग्रस्त या कमजोर नहीं है। उसके बाद ही घर के अंदर प्रवेश करें। 

घर लौटते हुए अत्याधिक सावधानी बरतें। किसी भी परिस्थितियों में रात के दौरान घर में प्रवेश न करें, क्योंकि गैस रिसाव की संभावना हो सकती है। घर के अंदर या आजू-बाजू में सांप या कोई अन्य विषैले जीव हो सकते हैं। पीने के पानी को साफ करने के लिए टैबलेट का उपयोग करने के लिए सबसे पहले, पानी की एक या दो बोतलों में 10 लीटर पानी लें। पहले 30 मिनट के लिए गंदे पानी को पहले फिल्टर करें। उसके बाद, उपरी पानी को साफ करें और अलग कर लें। स्वच्छ/स्पष्ट पानी के 10 लीटर में एक टैबलेट मिलाएं। टैबलेट घुलने और पानी पीने के बीच कम से कम 30 मिनट प्रतीक्षा  करें। डेंगू से बचने के लिए रुके हुए पानी से छुटकारा पाएं। खुले बर्तन में पानी न रखें। पानी के बर्तन को साफ रखें। विशेष सावधानी बरतें। मच्छर काटने से बचें। 

 बाढ़ के बाद पहली बार घर लौटने पर बच्चों को साथ न ले जाये। बाढ़ के बाद घर की दुर्दशा और उससे जुड़ी विपत्तियों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। जल जमाव या बाढ़ पीड़ित अपने घर वापस पहुंचने पर सबसे पहले बिजली के सभी उपकरणों को अनप्लग करें। सभी उपकरणों के अनप्लग होने के बाद ही घर का मैंन स्विच  ऑन करें। बाढ़ के बाद गाड़ी चलाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि गाड़ी के लाईटों में पानी या नमी न हो। गाड़ी के अंदर सांप या अन्य प्राणियां न हो। गाड़ी के निचले और उपरी हिस्सों में फफूंद न हो। गाड़ी के सीट और सीटबेल्ट में फफूंद या जंग न हो। गाड़ी के अंदर फुफुंद न हो। 

 बाढ़ में मरे जानवरों के शवों को जमीन में 3-4 फीट गहरा गढ्ढा खोदे और दफना दें। गढ्ढा खोदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि गढ्ढा घर, कुएं, तालाब, पशु तबेले से दूर हो। बीमा कंपनियों से मुआवजा लेने के लिए अपनी पंचायत के पशु चिकित्सक को मृत जानवर की सूचना दें। यदि जानवर के कान पर नाम-पत्र लगा हुआ है तो अंकित नंबर को नोट कर लें और मृत पशु व नाम-पत्र का फोटो भी ले। गढ्ढा को भरने से पूर्व शव को चूने से अच्छी तरह ढक दे। शव कम से कम ढाई फीट मिट्टी से जरूर ढका जाए। 

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