'साहब' भ्रष्ट अफसर को कब तक बचाइएगा.... कंपनी ने गाड़ी बनाई नहीं और पटना DTO ने कर दिया निबंधन, है न बड़ी उपलब्धि?

'साहब' भ्रष्ट अफसर को कब तक बचाइएगा.... कंपनी ने गाड़ी बनाई नहीं और पटना DTO ने कर दिया निबंधन, है न बड़ी उपलब्धि?

PATNA: बिहार के परिवहन विभाग में अजूबा काम होता है. कंपनी ने गाड़ी बनाई नहीं और पटना डीटीओ दफ्तर ने उस गाड़ी का निबंधन भी कर दिया. है न पटना डीटीओ की बड़ी उपलब्धि। वैसे यह कोई नई उपलब्धि नहीं है बल्कि पहले भी इस तरह के कई बड़े कारनामें किये गए हैं। लेकिन परिवहन विभाग के आलाधिकारियों का उक्त अधिकारी के सिर पर ऐसा हाथ है कि उसे कोई बाल-बांका नहीं कर सकता । अजूबा कारनामे के विख्यात अधिकारी के लिए हजारो गलती माफ है।  

कंपनी ने गाड़ी बनाई नहीं और डीटीओ ने कर दिया निबंधन

अब एक नई फर्जीवाड़ा से परिवहन विभाग के पटना डीटीओ दफ्तर प्रतिष्ठा तार-तार हुई है। पटना डीटीओ में जिस चेचिस नंबर की गाड़ी का निबंधन हुआ वह गाड़ी महिंद्रा कंपनी ने बनाई ही नहीं और निबंधन भी कर दिया गया। इसका खुलासा सोनपुर थाने में जब्त वाहन की जांच में हुआ है .उक्त स्कॉपियो वाहन का निबंधन 27 जून 2017 को हुआ था. स्कॉर्पियो वाहन निबंधन संख्या बीआर 01 पीजी- 8228 पटना डीटीओ में निबंधित है.

तत्कालीन डीटीओ-कर्मी की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा

जांच में पता चला है कि जिस चेचिस नंबर से निबंधन किया गया है उसका तो निर्माण ही नहीं हुआ है. पटना डीटीओ में हुए ऑडिट में उक्त वाहन पर टैक्स जमा नहीं होने का ऑब्जेक्शन लगाया गया था. वाहन के निबंधन के  समय तत्कालीन डीटीओ अजय कुमार ठाकुर थे, जिन पर पहले भी भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगे हैं. अजय कुमार ठाकुर के कार्यकाल में सहायक अमित कुमार गौतम की देखरेख में ही पूरा निबंधन का काम होता था. जानकारों का कहना है कि इस दौरान सैकड़ों वाहनों का रजिस्ट्रेशन बिना टैक्स जमा किए गलत तरीके से हुआ.

सोनपुर थाने ने जब पत्र भेजा तो पटना डीटीओ में मचा हड़कंप

इधर, सोनपुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पटना डीटीओ को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है. इस में निबंधित कार्ड पर अंकित वाहन का चेचिस नंबर भेज कर तहकीकात की गई. सोनपुर थाना के अवर निरीक्षक प्रतिमा कुमारी ने बताया कि पटना डीटीओ ने सारी जानकारी उपलब्ध कराई है. गलत चेचिस नंबर पर पटना डीटीओ में निबंधन का खेल हुआ है.



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