JNU छात्र नेता चंद्रशेखर हत्याकांड: पटना हाईकोर्ट ने दोषियों की उम्रकैद की सजा रखी बरकरार

JNU छात्र नेता चंद्रशेखर हत्याकांड: पटना हाईकोर्ट ने दोषियों की उम्रकैद की सजा रखी बरकरार

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने बिहार के बहुचर्चित जेएनयू छात्र नेता चंद्रशेखर हत्याकांड में उम्र कैद की सजा पाएचारों अभियुक्तों की सजा बरकरार रखी है। शुक्रवार को जस्टिस एके त्रिवेदी और जस्टिस विनोद कुमार सिंह की बेंच ने फैसला सुनाया।जिन चार अभियुक्तों कोकोर्ट ने उम्र कैद की सजा बरकरार उनमें ध्रुव कुमार जायसवाल, इलियास वारिस, शेख मुन्ना और रुस्तम खां शामिल हैं।

क्या है मामला

बता दें कि अपराधीकरण एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने वाले चंद्रशेखर की 31 मार्च 1997 को सिवान शहर में जेपी चौक के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जांच सीबीआई ने किया था।

सीबीआइ ने सात अगस्त, 1997 को राजद के तत्कालीन सांसद शहाबुद्दीन, ध्रुव कुमार जायसवाल, रुस्तम मियां, शेख मुन्ना, इलियास वारिस और मुहम्मद रियाजुद्दीन को नामजद करते हुए जांच की। सीबीआइ ने ध्रुव, रुस्तम, शेख, इलियास और रियाजुद्दीन के खिलाफ 30 मई, 1998 को आरोप पत्र दायर किया था। रियाजुउद्दीन की मृत्यु ट्रायल के दौरान हो गई। इस मामले में शहाबुद्दीन के खिलाफ जांच जारी है।


 बाद में सीबीआई अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इन चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के इस आदेश को चुनौती देते हुए दोषियों ने पटना हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने अपने फैसले में इनकी अपीलों को खारिज करते हुए इन चारों की उम्रकैद की सजा बहाल रखी है।

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