पटना हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को दिया निर्देश, दानापुर बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की दूर करें अड़चन

पटना हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को दिया निर्देश, दानापुर बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की दूर करें अड़चन

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने राज्य से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, निर्माण,मरम्मती और चौड़ीकरण की परियोजनाओं से सम्बंधित सुनवाई की। राजमार्गों से सम्बंधित से 32 जनहित याचिकाओं पर स्वयं संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस संजय करोल की डिवीजन बेंच मामलों की सुनवाई की। कोर्ट ने दानापुर बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण में आ रही तमाम अड़चनों को दूर करने हेतु  ठोस उपाय निकालने के लिए राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे एक हफ्ते के अंदर रेलवे, एनएचएआई, पटना ज़िला प्रशासन सहित उन तमाम स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक कर इस समस्या का समाधान निकालें। साथ ही जिनके हितों के टकराव से इस एलिवेटेड रोड के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही है, उनका समाधान करें। 

सुनवाई के दौरान एनएचएआई ने कोर्ट को बताया की दानापुर रेलवे टर्मिनस व स्टेशन के विस्तार करने की परियोजना के कारण  इस एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने में बाधा है। रेलवे ने प्लैटफॉर्म विस्तारित जमीन के चौहद्दी के पांच मीटर दूर तक कोई निर्माण पर रोक लगा रखा हैं। इन  मामलों में कोर्ट की सुनवाई के दौरान सहायता देने के लिए नियुक्त एमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट पी के शाही ने कोर्ट को बताया कि पटना के आगे का विकास इसी एलिवेटेड कॉरिडोर पर निर्भर है। पटना से बिहटा हवाई अड्डा तक जाने का यही एलिवेटेड सड़क है, अन्यथा उस एयरपोर्ट का कोई औचित्य नही रह जाएगा।  

उन्होंने बताया कि दूसरी ओर आईआईटी व अन्य शैक्षणिक संस्थान तक सुगम रास्ता देने वाली इस एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिये ही पटना शहर का पूरे पश्चिम पटना से सम्पर्क हो पाता है। मामले की सुनवाई के दौरान रेलवे को पार्टी बनाते हुए रेलवे के वकील सिद्धार्थ प्रसाद को सुनवाई में शामिल किया गया। अधिवक्ता सिद्धार्थ ने कोर्ट को बताया कि रेलवे की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इस मामले पर अगली सुनवाई 24 जनवरी को की जाएगी।

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