गया की फल्गु नदी में प्रदूषण पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई, 21 नवंबर तक डीपीआर का मांगा ब्यौरा

गया की फल्गु नदी में प्रदूषण पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई, 21 नवंबर तक डीपीआर का मांगा ब्यौरा

पटना. हाईकोर्ट में गया के ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर से सटे फाल्गु नदी प्रदूषित होने के मामले पर सुनवाई की गई। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 21 नवंबर 2022 तक डीपीआर के सम्बन्ध में हो रही कार्रवाई का ब्यौरा तलब किया।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने गया में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के समय सीमा के सम्बन्ध में कार्य करने वाली कंपनी को 3 सितम्बर 2022 तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था। कोर्ट को जानकारी दी गई थी कि बूडको ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने हेतु चुनी हुई कम्पनी से एग्रीमेंट किया जा चुका है। कोर्ट को बताया गया था कि एग्रीमेंट में ये तय हुआ है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम तीन महीने में पूरा हो जाएगा। ये जनहित याचिका गौरव कुमार सिंह की ओर से दायर की गई थी।

पहले की सुनवाई में कोर्ट ने बुडको से यह भी कहा कि यदि वह चुनिंदा कम्पनी के काम करने से संतुष्ट है, तो अग्रीमेंट की प्रक्रिया जल्द पूरा करे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुमित कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि ऐतिहासिक फाल्गु नदी कचरे से भर रही है। उन्होंने बताया कि सारे गया शहर की गन्दगी और कचड़ा फल्गु नदी में जाता है, जिस कारण नदी का पानी काफी प्रदूषित हो गया। ऐतिहासिक महत्व वाले इस महान शहर को पर्यटकों के लिए एक यादगार यात्रा बनाने के लिए सार्थक प्रयास करने होंगे। इस मामलें पर अगली सुनवाई 21 नवंबर 2022 को होगी।


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