पटना हाईकोर्ट ने बंगलादेश की 3 महिलाओं को डिटेंशन सेंटर में रखने के बजाय नारी निकेतन में रखे जाने पर केंद्र सरकार से मांगा जवाब

पटना हाईकोर्ट ने बंगलादेश की 3 महिलाओं को डिटेंशन सेंटर में रखने के बजाय नारी निकेतन में रखे जाने पर केंद्र सरकार से मांगा जवाब

PATNA: बांग्लादेश से बिहार में अवैध रूप से आई तीन महिला अप्रवासी के रहने के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जवाबतलब किया है। मरियम खातून की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है।

इन बांग्लादेशी महिलाओं को डिटेंशन सेंटर के बजाय नारी निकेतन में रखा गया है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केन्द्र व राज्य सरकार को बताने को कहा था कि इन्हें डिटेंशन सेंटर में क्यों नहीं रखा गया। हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को बताने को पूछा कि उन्हें नारी निकेतन में क्यों रखा जा रहा है। उन्हें डिटेंशन सेंटर में क्यों नहीं रखा गया। इस पर हाईकोर्ट को बताया गया कि इन्हें बेऊर जेल में रखने के लिए अलग व्यवस्था हैं। कोर्ट ने जानना चाहा कि राज्य में डिटेंशन सेंटर क्यों नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जेल में डिटेंशन सेंटर नहीं बनाया जा सकता है।कोर्ट ने अलग से डिटेंशन सेंटर बनाए जाने के बारे में जवाब मांगा था।साथ ही इस मामले में बांग्लादेश दूतावास की स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को इस संबंध में विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश देते हुए कहा था कि इन्हें वापस भेजने की क्या प्रक्रिया और व्यवस्था है।

कोर्ट ने 7अप्रैल, 2021 को तीन वकीलों की कमेटी बनाई,जिन्होंने नारी निकेतन जा कर इन बांग्लादेशी अप्रवासी महिलाओं का हाल देखा।उन्होंने अपने रिपोर्ट में बताया कि इन्हें सारी बुनियादी सुविधाओं दी जा रही है।साथ ही सभी प्रकार की सुरक्षा और अन्य व्यवस्था की गई है। इस मामले पर मंगलवार को दोबारा सुनवाई की जाएगी।

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