25 लाख में मेडिकल तो 12 लाख में इंजीनियरिंग का लेते थे ठेका, सॉल्वरों की गैंग में 'महबूबा' भी निभाती थी अहम रोल

25 लाख में मेडिकल तो 12 लाख में इंजीनियरिंग का लेते थे ठेका, सॉल्वरों की गैंग में 'महबूबा' भी निभाती थी अहम रोल

पटना : राजधानी पटना के पॉश इलाके से पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं. शातिरों ने पुलिस को बताया कि सौरभ सुमन बोरिंग रोड, राजेंद्र नगर व कंकड़बाग आदि जगहों के कोचिंग सेंटर में तैयारी करने वाले छात्रों को अपना शिकार बनाता था.

 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को एक से दो लाख रुपये का लालच देकर सॉल्वर बनने के लिए तैयार करता था. यही नहीं इन लोगों ने बकायदा रेट भी फिक्स कर रखा था. आरोपियों के मुताबिक मेडिकल की परीक्षा के लिए 25 लाख तो इंजीनियरिंग के इग्जाम के लिए 12 लाख रुपये में डील होती थी.

गर्लफ्रेंड की आड़ में होता था पैसों का लेन देन
फर्जीवाड़े के इस धंधे में गिरफ्तार आरोपितों में सौरभ सुमन और उज्ज्वल उर्फ गजनी की गर्लफ्रेंड भी सहयोगी बतायी जा रहीं हैं. ये आरोपित अभ्यर्थियों से मोटी रकम तय कर अपनी गर्लफ्रेंड के बैंक अकाउंट में राशि मंगाते थे, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है. पुलिस इनके बैंक खातों की जांच कर रही है. दोनों महिला मित्रों का भी अपार्टमेंट में आना-जाना होता था. गैंग के बोरिंग रोड स्थित ऑफिस को रमेश और उज्ज्वल चलाते थे. पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि 2015 में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुई मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेपर लीक में भी इस गैंग का हाथ था.

गिरफ्तार आरोपितों में कोई इंजीनियरिंग तो कोई एमबीए पास है. सरगना पटना निवासी अतुल वत्स से इन शातिरों ने फर्जीवाड़े का गुर सीखा था. कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने व फर्जीवाड़े के मामले में अतुल के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा व मुंबई में केस दर्ज हैं. पुलिस ने सभी को रविवार को विशेष कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया.

     

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