पटना समाहरणालय में जांच के दौरान ब्लैक में स्टांप बेचते पकड़े गये चार वेंडर, लाइसेंस होगा कैंसिल

पटना समाहरणालय में जांच के दौरान ब्लैक में स्टांप बेचते पकड़े गये चार वेंडर, लाइसेंस होगा कैंसिल

Patna : पटना डीएम कुमार रवि के निर्देश पर आज पटना कोषागार पदाधिकारी पटना संजीव कुमार ने समाहरणालय परिसर स्थित लाइसेंसधारी स्टांप विक्रेताओं द्वारा अनियमितता बरतने एवं दलालों के माध्यम से निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर मुद्रांक बेचने की औचक जांच की।

कोषागार पदाधिकारी ने औचक रूप से समाहरणालय स्थित पांच स्टांप वेंडरों की जांच की गई। जिन अनुज्ञप्तिधारी स्टांप वेंडरों की जांच की गई उनमें युगल किशोर प्रसाद, अमरेंद्र कुमार सिन्हा, ओम प्रकाश प्रसाद, अजीत कुमार, एवं रमेश प्रसाद शामिल रहे। इनमें से 4 अनुज्ञप्ति धारी के विरुद्ध व्यापक अनियमितता करने संबंधी तथ्यों की पुष्टि हुई तथा रमेश प्रसाद अनुज्ञप्ति धारी के विरुद्ध कोई अनियमितता नहीं पाई गई।

जांच के क्रम में पाया गया कि स्टांप वेंडरों द्वारा दलालों के माध्यम से निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर मुद्रांकों की बिक्री मनमाने मूल्य पर किया जाता है और साथ ही अन्य स्थानों से मुद्रांक लाकर भी बिक्री की जाती है जो बिहार स्टांप मैनुअल के नियम 15 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस क्रम में भंडार पंजी एवं बिक्री पंजी की भी जांच की गई। जिसमें लाइसेंसधारी द्वारा अवैध कार्य करने तथा अनियमितता करने हेतु गलत प्रविष्टि करने संबंधी तथ्यों की पुष्टि हुई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोषागार पदाधिकारी ने इससे से संबंधित जांच प्रतिवेदन जिलाधिकारी पटना को समर्पित किया है अपने जांच प्रतिवेदन में कोषागार पदाधिकारी ने संबंधित चारों अनुज्ञप्ति धारी स्टांप वेंडरों का लाइसेंस निलंबित करने तथा कारण पृच्छा करने की अनुशंसा की है।

वहीं इस मामले को लेकर जिलाधिकारी ने कहा है कि किसी को भी मनमानी करने एवं अनियमितता करने की छूट कतई नहीं दी जा सकती। दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार स्टांप एक्ट का हर हाल में अनुपालन सुनिश्चित करना है ,उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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