किरायेदार बनकर आए दरोगा ने मकान खाली करने से किया इनकार...तो बुजुर्ग ने डीजीपी को रो-रोकर सुनाई दरोगा की कारस्तानी

किरायेदार बनकर आए दरोगा ने मकान खाली करने से किया इनकार...तो बुजुर्ग ने डीजीपी को रो-रोकर सुनाई दरोगा की कारस्तानी

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय पुलिस प्रशासन को सुधारने के लिए चाहे लाख जतन कर लें, बिहार पुलिस के कर्मी मिटटी पलीद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दरअसल ताजा मामला राजधानी पटना के इन्द्रपुरी मोहल्ले का है। जहाँ गया जिला के बेलागंज थाना में पदस्थापित दरोगा अखिलेश्वर तिवारी का परिवार एक बुजुर्ग के घर किराया पर फ़्लैट में रह रहा है। अखिलेश्वर तिवारी पर आरोप है कि वे बुजुर्ग का मकान खाली नहीं कर रहे हैं उल्टे धमकी दे रहे हैं।

 बुजुर्ग शम्भू नाथ मिश्रा ने सोमवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय से मुलाकात कर दरोगा अखिलेश्वर तिवारी के कारनामों की जानकारी दी। शम्भूनाथ मिश्रा ने बताया कि दरोगा की पत्नी चन्दा देवी अपने बेटी को 1 साल के लिए पटना के किसी कोचिंग में पढ़ाने के वास्ते फ़्लैट किराया पर ली थी। उस समय चन्दा देवी ने अपने पति के दरोगा होने की बात छुपा कर खेती करने वाला बताया था। चन्दा देवी के फ़्लैट में प्रतिदिन 15 से 20 बाहरी व्यक्तियों का आना जाना लगा रहता था जिसकी वजह से उन्होंने कई बार उसके पति अखिलेश्वर तिवारी को फ़्लैट खाली करने को कहा लेकिन वो इस बात को टालते रहे।

मिश्रा ने बताया कि पिछले माह जून में जब उन्होंने फ़्लैट खाली करने को कहा तब अखिलेश्वर तिवारी ने उन्हें  गाली देते हुए अपने को दरोगा बताया और कहा की “मैं पुलिस विभाग में दरोगा हूँ, ज्यादा मकान खाली करने- करने बोलोगे तो तुमको, तुम्हारी बहु, बेटा और उसके बच्चों को गोली-बम मरवा देंगे, अपहरण करवाने के साथ ही कई आरोपों में हम सबको फंसा कर घर पर कब्जा करने को कहने लगे” साथ ही कहा की कहीं जाओगे सब थाना में मेरा आदमी है। उनके बेटे ने मेरी बहू पर हाथ उठाने की कोशिश की। इसके बाद वो मानसिक सदमें में आ गये क्योंकि वे पुलिसकर्मी का ऐसा रूप देख डर की वजह से चुप हो गये। क्योंकि चन्दा देवी द्वारा मकान लेते वक्त अखिलेश्वर तिवारी के किसान होने की बात कही गयी थी।

उन्होंने कहा कि इसके बाद दरोगा अखिलेश्वर तिवारी ने षड़यंत्रपूर्वक अपनी पत्नी चन्दा देवी, 2 बेटियों और बाहरी व्यक्तियों द्वारा जबरिया घर में घुस कर बर्बाद करने की धमकी दी गयी ताकि घर का मालिक घर छोड़ कर भाग जाए और घर पर कब्जा हो सके। इस मामले की एफआईआर 280/19 पाटलिपुत्रा थाना, पटना में दर्ज है।

अब बुजुर्ग ने न्याय की आस में डीजीपी से गुहार लगाई है ताकि दरोगा साहब उनके जीवन भर की कमाई पर कब्जा ना कर लें। बुजुर्ग शम्भूनाथ मिश्रा ने बताया कि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने उनसे कहा है कि अगर 15 दिनों के अंदर दारोगा ने मकान खाली नहीं किया तो उस पर एफआईआर होगी।

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