ऑफिस में घुसकर पीएचसी प्रभारी को पीटकर किया अधमरा, विरोध में कर्मियों ने अस्पताल में जड़ा ताला, इलाज बंद

ऑफिस में घुसकर पीएचसी प्रभारी को पीटकर किया अधमरा, विरोध में कर्मियों ने अस्पताल में जड़ा ताला, इलाज बंद

 सुपौल। जिले के किशनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ कुछ लोगों द्वारा किये गए मारपीट की घटना सामने आई है। इस हादसे के बाद उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। वहीं इस घटना के विरोध में अस्पतालकर्मियों ने मरीजों का इलाज बन्द कर दिया है। जिसके बाद यहा की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।

पीएचसी कर्मियों ने बताया कि  अनाप शनाप बिल देकर आउटसोर्सिंग का काम रहे संवेदक उनसे बिल पास करानेका दबाव बना रहे थे। बिल पर साइन करने से मना करनेपर उनके साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि आउटसोर्सिंग का संचालक अपने किसी महिला रिश्तेदार को दिखाने पीएचसी लाए। जहां डॉ. मनीष कुमार इलाज कर दवाई भी लिखा लेकिल, वह लोग पीएचसी प्रभारी से दिखवाने की जिद करने लगे। इसके बाद मरीज को लेकर भारी के चैर मगए और वहां पीएचसी भारी पर लात घूंसा बरसानेलगे। जहां डॉ की स्थिति देखते हुए सदर अस्पताल से भी बेहतर इलाज हेतु पटना रेफर कर दिया गया।

अस्पताल में ताला जड़ा

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के इलाज में रहने के चलते उनसे कोई बात नहीं हो सकी है। डॉ अखिलेश कुमार से इलाज में रहने के कारण संपर्क नहीं हो पाया। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ हुए मारपीट के विरोध में अस्पताल कर्मी द्वारा अस्पताल में ताला जड़ मरीजो का इलाज बन्द कर दिया गया है। इस सम्बंध में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ रामदेव शर्मा ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ हुए मारपीट के विरोध में हम लोग मरीजों का इलाज बन्द कर दिए है। जब तक ऊपर से निर्देश नहीं मिलेगा। हम लोग इलाज नहीं करेंगे। वहीं इलाज कराने आई महिपट्टी निवासी मो अख्तर की पत्नी ने बताया कि मेरे साथ मारपीट हुआ है। जहां इलाज करवाने आए हैं। लेकिन यहां कोई इलाज करने वाला नहीं है। इलाज  इस बाबत थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने कहा कि महिला के द्वारा आवेदन दिया गया है। जिसे पूछताछ के लिए महिला पुलिस पदाधिकारी के पास भेजा जा रहा है।

डॉक्टर पर छेड़खानी का आरोप

वहीं दूसरी ओर पीपरा थाना के महेशपुर गांव निवासी रीता देवी पति शंभू सदा के द्वारा उक्त चिकित्सा प्रभारी के उपर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। जहां उक्त महिला द्वारा किसनपुर थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।  जिसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। वही स्वास्थ्य प्रभारी डॉक्टर अखिलेश कुमार के द्वारा अभी तक कोई आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद कार्यवाही की जाएगी।

राजद ने ट्विटर पर किया शेयर 

इस पूरी घटना को लेकर राजद ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। अपने ट्विटर हैंडल पर घटना को शेयर करते हुए राजद ने आरोप लगाया है कि कोसी क्षेत्र के बिहार सरकार में बड़े मंत्री के रिश्तेदार ने अपने 15-20 गुंडों के साथ मिलकर सुपौल के किशनपुर PHC प्रभारी डॉ अखिलेश कुमार को पीट पीटकर जीवन व मौत के बीच पहुँचा दिया है! JDU-BJP वालों को है सत्ता का रौब ऐसा कि कानून और पुलिस का कोई डर नहीं! 


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