पिता के हत्यारे को मारने के बाद गया था जेल, फिर बन गया नक्सली कंमाडर

पिता के हत्यारे को मारने के बाद गया था जेल, फिर बन गया नक्सली कंमाडर

कैमुर। पुलिस के प्रयास से उग्रवादी गतिविधियों में शामिल लोगों को लगातार सरेंडर करवाकर मुख्य धारा में लाया जा रहा है। इसी कड़ी में कैमुर पुलिस को तब बड़ी सफलता मिली जब रोहतास के नक्सली भोरिक यादव आज अपने शस्त्र और नक्सली ड्रेस के साथ सरेंडर कर दिया। उसने सात बंदुक, पांच नक्सली वर्दी सेट, 2 नक्सली पैंट, 6 गोली, दो लेवी वसूलने वाला रसीद, एसपी को सौंपा। 

मामले में कैमुर के एसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि नक्सली भौरिक यादव मूलतः रोहतास जिले का रहने वाला है जो कैमूर और रोहतास पहाड़ी पर आतंक फैलाया हुआ था। इसके ऊपर हत्या समेत पांच नक्सली अपराधिक मामले कैमूर और रोहतास जिले के आधा दर्जन थाने में दर्ज है। कुछ साल पहले वह भोरिक यादव अपने पिता की हत्या के बाद हत्यारे को गोली मारने के बाद सासाराम जेल में बंद हुआ था, तभी उसकी जान पहचान डीएफओ हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त निराला यादव से हुआ। सरेंडर करने वाले नक्सली ने बताया कि जेल में जब मैं डीएफओ की हत्या में कैद नक्सली से मिला तो उसने कहा कि तुम बाहर जाआगे तो तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी इसलिए बचना चाहते हो तो नक्सली बन जाओ।

जेल से बाहर आने के बाद बना नक्सली कंमाडर

 निराला यादव के संपर्क में आने के बाद यह नक्सली बनने का ठाना और उसके छोटे दमाद के साथ मिलकर बाहर निकल कर नक्सली संगठन के नाम पर ठेकेदारों और व्यापारियों से रंगदारी और लेवी वसूलने का काम करने लगा।इसके ऊपर कैमूर और रोहतास जिले के पहाड़ी इलाके में नक्सली एरिया कमांडर बनकर लेवी वसूलने का काम करता था। इस मामले में कई थाने में इसके ऊपर मामला दर्ज है।

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