अभाव में भी चमके खिलाड़ीः सरकारी जिम है खस्ताहाल, खुद की मेहनत से 4 भारोत्तोलक ने जीता पदक, बातचीत में साझा की परेशानी

अभाव में भी चमके खिलाड़ीः सरकारी जिम है खस्ताहाल, खुद की मेहनत से 4 भारोत्तोलक ने जीता पदक, बातचीत में साझा की परेशानी

KATIHAR: सरकार द्वारा लोगों की सुविधा के लिए कई तरह की चीजों का निर्माण तो करा दिया जाता है, मगर जब बात उसका रखरखाव करने की आती है, तो सरकार और संपत्ति का उपभोग करने वाली जनता, दोनों ही कन्नी काटते नजर आते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत होती है खिलाड़ियों को, जो मेहनत तो भरपूर करते हैं, मगर सुविधाओं के अभाव में कहीं ना कहीं मार खा जाते हैं।

संसाधन के अभाव के बीच चमके खिलाड़ी

बात करेंगे कटिहार जिले की, जहां के 4 खिलाड़ियों ने भारत्तोलन में पदक जीतकर खुद को साबित किया है। हालांकि जितने खुश खिलाड़ी और उनके कोच पदक जीतने को लेकर हैं, उतना ही दर्द उन्हें जिम की खस्ताहाल हालत को लेकर है। कटिहार का सरकारी जिम संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है, मगर यहां के खिलाड़ी अपनी चमक बिखेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

जिले के 4 खिलाड़ियों ने नाम किया रौशन

राज्यस्तरीय वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता में एक महिला सहित चार वेटलिफ्टरों ने अपना जौहर दिखाया। अपने-अपने वर्ग में वेटलिफ्टिंग कर इन लोगों ने मेडल जीतकर जिला का नाम रौशन किया है। आगे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन में यह लोग राज्य के नाम ऊंचा करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय आयोजन की भी तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही हमारे संवाददता श्याम से बातचीत करते हुए उन्होनें अपनी वह परेशानियां साझा की, जिनकी वजह से कहीं ना कहीं उनके प्रदर्शन पर नकारात्मक असर पड़ा है।

सुदूर क्षेत्रों के खिलाड़ियों को होती है परेशानी

सुदूरवर्ती इलाके में वेटलिफ्टिंग से जुड़ी तैयारी को लेकर कितना खिलाड़ियों को किस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पर रिमझिम सिंह और सागर कुमार सेठी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बीस साल से अधिक समय से कटिहार में यह सरकारी जिमखाना है। लेकिन अब तक जरूरी सुविधा और संसाधन भी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद वह लोग अपने दम पर पसीना बहाते हुए अपने फौलादी हौसले के दम पर इतिहास रचना चाहते हैं, जिसकी तैयारी हर रोज यहां होती है। 

राज्य सरकार से की भावुक अपील

खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन और आगे की तैयारी को लेकर जिम में कई तरह के सुधार का होना बताया है। मूलभूत सुविधाओं से लेकर कई तरह के उपकरण यदि मिले, तो उनसे उनकी ट्रेनिंग भी बेहतर होगी और प्रदर्शन भी मुकाबले के लिए बढ़िया होगा। उन्होनें कहा कि अगर राज्य सरकार व्यवस्था सही कर दे तो बिहार में वेटलिप्टिंग में भी परचम लहरा सकता है।

जिम का बोर्ड, जिसपर नाम पढ़ना भी मुश्किल

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