पीएम मोदी के देश के नाम संबोधन पर कन्हैया कुमार का तंज,कहा-जुलाई में पका रहे छठ का पकवान

पीएम मोदी के देश के नाम संबोधन पर कन्हैया कुमार का तंज,कहा-जुलाई में पका रहे छठ का पकवान

Desk:- कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच आज नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित किया।अपने संबोधन में पीएम मोदी ने गरीबों के लिए बड़ा ऐलान किया।पीएम के संबोधन पर विरोधियों ने बड़ा हमला बोला है।विपक्षी नेताओं ने पीएम मोदी को आड़े हाथों लिया है. पीएम के भाषण के कुछ ही देर बाद  जेएनयू पूर्व छात्र अध्यक्ष और सीपीआई के नेता कन्हैया कुमार मोदी सरकार पर कई सवाल खड़े किये है. 

पीएम के संबोधन के खत्म होते ही सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुई चार पंक्तियाँ ट्वीट की है, जिसमे लिखा है- "बोलो रे बेईमान, क्यूँ सरेन्डर किया देश का सम्मान, और क्यूँ नही लिया अब तक चाइना का नाम, गलवान में शहीद हो गए हमारे 20 जवान, और तुम पका रहे जुलाई में छठ पूजा का पकवान". इस कविता के जरिये कन्हैया ने मौजूदा सरकार को बेईमान कहा है, देश के सम्मान को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाया है, साथ ही सरकार से सवाल  भी किया है की उन्होंने चाइना का नाम क्यों नहीं लिया.

कन्हैया कुमार लगातार मोदी सरकार के कामकाजों से नाखुश नजर आ रहे हैं. कन्हैया ऐसा कोइ भी मौका नहीं छोड़ते जिससे मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा सके. चाहे वो चीन भारत सीमा विवाद हो, कोरोना संक्रमण हो या बेरोजगारी हो. 

PM मोदी ने आज देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कोरोना संकट पर चर्चा की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में कई अहम मुद्दों पर बात की।जानिए उनके भाषण की 10 अहम बातें....।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अहम् बातें- 
1.  एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड ‘one nation one ration card.’ इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गांव छोड़कर के कहीं और जाते हैं.अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को, और यूरोपियन यूनियन की आबादी से लगभग दोगुने से ज्यादा लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्त अनाज दिया है.

3. लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले. केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए. 4. विशेषकर कन्टेनमेंट जोंस पर हमें बहुत ध्यान देना होगा. जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा.

5. लॉकडाउन के दौरान बहुत गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था. अब सरकारों को, स्थानीय निकाय की संस्थाओं को, देश के नागरिकों को, फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है.6. बीते तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं। इस दौरान 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं.

7.  देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से, किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है. इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई.

8- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे. अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता हैत्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए.आज गरीब को, ज़रूरतमंद को, सरकार अगर मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है. पहला- हमारे देश के मेहनती किसान, हमारे अन्नदाता. और दूसरा- हमारे देश के ईमानदार टैक्सपेयर.

10. हम सारी एहतियात बरतते हुए Economic Activities को और आगे बढ़ाएंगे। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन रात एक करेंगे। हम सब ‘लोकल के लिए वोकल’ होंगे। इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को मिलजुल कर के, संकल्प के साथ काम भी करना है, आगे भी बढ़ना है.



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