पीएम मोदी ने कहा- 'व्हाट टू थ‍िंक' से 'हाउ टू थ‍िंक' पर शिफ्ट हो गया एजुकेशन सिस्टम, होगा फायदा

पीएम मोदी ने कहा- 'व्हाट टू थ‍िंक' से 'हाउ टू थ‍िंक' पर शिफ्ट हो गया एजुकेशन सिस्टम, होगा फायदा

New Delhi : नई शिक्षा नीति क्यों जरूरी है इसको लेकर शुक्रवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया . इस कॉन्क्लेव में पीएम नरेंद्र मोदी ने संबोधन करते हुए नई शिक्षा नीति पर जोर दिया. पुरानी शिक्षा नीति से नई शिक्षा नीति क्यों अलग है इस पर भी पीएम मोदी ने अपनी बातें रखी. पीएम मोदी ने पुराने शिक्षा नीति के बारे में कहा कि वो पॉलिसी व्हाट टू थिंक पर फोकस थी, अब जो नई शिक्षा नीति बनी है वो हाउ टू थिंक के बेस पर बनी है। 

पीएम मोदी ने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 21वीं सदी के भारत की, नए भारत की नींव तैयार करने वाली है। अब तक जो हमारी शिक्षा व्यवस्था है उसमें व्हाट टू थिंक पर फोकस किया गया था। जबकि इस शिक्षा नीति को हाउ टू थिंक पर बदल दिया गया. ये मैं इसलिए कह रहा हूं कि आज जिस दौर में हम हैं, वहां इन्फॉर्मेशन और कंटेंट की कोई कमी नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि अब कोशिश ये है कि बच्चों को सीखने के लिए इनक्वायरी बेस्ड, डिस्कवरी बेस्ड, डिस्कशन बेस्ड और एनालिसिस बेस्ड तरीकों पर जोर दिया जाए. इससे बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी और उनके क्लास में उनका पार्टिसिपेशन भी बढ़ेगा. 

कॉनक्लेव में पीएम मोदी ने कहा कि आज देश भर में न्यू एजुकेशन पॉलिसी की व्यापक चर्चा हो रही है. अलग-अलग क्षेत्र के लोग, अलग-अलग विचारधाराओं के लोग अपने विचार दे रहे हैं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति की समीक्षा कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि ये एक स्वस्थ परंपरा है, ये जितनी ज्यादा होगी, उतना ही लाभ देश की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा. ये भी खुशी की बात है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद देश के किसी भी क्षेत्र से, किसी भी वर्ग से ये बात नहीं उठी कि इसमें किसी तरह का भेदभाव है, या किसी एक ओर झुकी हुई है.

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