संयुक्त राष्ट्र में पीएम मोदी ने चीन और पाकिस्तान को घेरा, पांच दिवसीय दौरे के बाद भारत रवाना

संयुक्त राष्ट्र में पीएम मोदी ने चीन और पाकिस्तान को घेरा, पांच दिवसीय दौरे के बाद भारत रवाना

NEW DELHI : अमेरिका के पांच दिवसीय दौरे के बाद पीएम मोदी वापस इंडिया रवाना हो गए हैं। इस पांच दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने न सिर्फ अमेरिका भारत के रिश्ते को और मजबूती प्रदान की, बल्कि संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में दुनिया में आतंकवाद का समर्थन करनेवाले देशों को नसीहत भी दे डाली। वहीं कोरोना महामारी को लेकर उन्होंने चीन और WHO के मिलीभगत की चर्चा पर खुलकर नाराजगी जाहिर की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक तरफ भारत जहां अपनी आजादी के 75वें साल में 75 स्वदेश निर्मित उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है, वहीं कुछ देश आतंकवाद का राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें यह समझना होगा कि आतंकवाद से उन्हे भी नुकसान होगा। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह तय करना होगा कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद और आतंकी हमलों के लिए न हो पाए। इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि अफगानिस्तान का इस्तेमाल कोई देश अपने स्वार्थ के लिए नहीं कर सके। इस वक्त अफगानिस्तान की महिलाओं, बच्चों और माइनोरिटीज को मदद की जरूरत है और इसमें हमें अपनी जिम्मेदारी निभानी ही होगी।

समुद्र पर चीन की दादागिरी नहीं चलेगी

पीएम मोदी ने समंदर में दादागिरी दिखाने वाले चीन पर भी निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, ''हमारे समंदर भी हमारी साझा विरासत हैं। इसलिए हमें ध्यान रखना होगा कि हमेरा समुद्रीय संसाधनों को हम यूज करें, एब्यूज नहीं। हमारे समंदर अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन भी हैं। इन्हें हमें विस्तार और बहिष्कार की दौड़ से बचाकर रखना होगा। रूल बेस्ड ऑर्डर को सशक्त करने के लिए, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक सुर में आवाज उठानी होगी।

चीन और यूएनओ के बीच मिलीभगत पर जताई नाराजगी

पीएम मोदी ने हाल के समय में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और चीन के बीच मिलीभगत के लगे आरोपों का इशारा करते हुए वैश्विक संस्था को भी आईना दिखाने की कोशिश की। पीएम ने कहा, ''UN पर आज कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सवालों के हमने क्लाइमेट क्राइसिस में देखा है, कोविड के दौरान देखा है। दुनिया के कई हिस्सों में चल रही प्रॉक्सी वॉर, आतंकवाद और अफगानिस्तान संकट ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है।

पीएम मोदी ने कहा, ''कोरोना की उत्पत्ति के संदर्भ और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग को लेकर वैश्विक गवर्नेंस से जुड़ी संस्थाओं ने, दशकों के परिश्रम से अपनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है। ये आवश्यकता है कि हम यूएन को वैश्विक व्यवस्था, वैश्विक कानून और वैश्विक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर सुदृढ़ करें। इस दौरान उन्होंने कहा किभारत ने DNA वैक्सीन तैयार कर ली है। RNA और नेजल वैक्सीन पर काम अंतिम दौर में है। भारत एक बार फिर दुनिया के प्रति जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं, इसलिए फिर वैक्सीन एक्सपोर्ट करने का फैसला किया है।



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