स्वर्ण व्यवसायी पर गोलीबारी मामले का पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन को किया गिरफ्तार, हथियार बरामद

स्वर्ण व्यवसायी पर गोलीबारी मामले का पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन को किया गिरफ्तार, हथियार बरामद

GAYA : गया जिले के इमामगंज बाजार में पिछले दिनों स्वर्ण व्यवसायी पर गोलीबारी के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इस मामले में थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों से 2 कट्टा और एक सिक्सर बरामद किया है. साथ ही दो गोली भी बरामद की गयी है. इस छापेमारी के दौरान विश्रामपुर निवासी अंजार आलम के घर से एक कट्टा, छाकरवंधा गांव के पप्पू अंसारी उर्फ शाने अली के पास से एक सिक्सर, छाकरवंधा गाँव के इन्तेखाव आलम के पास है एक देसी कट्टा बरामद किया गया है. डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि ये तीनों अपराधी बाजार में रहकर पुलिस की गतिविधियां पर नजर रखते थे. डीएसपी अजीत कुमार में बाजारवासियों से आग्रह किया कि दुकान में जो भी स्टाफ रखें उनके सरकारी दस्तावेज जरूर अपने पास रखें. यदि वह संदिग्ध हालत में मिले इसकी सूचना पुलिस को जरूर दें.

डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि पिछले 19 अगस्त को इमामगंज बाजार स्थित मोहिनी ज्वेलर्स के संचालक अभय कुमार और 22 जुलाई 2017 को न्यू भारत मेडिकल हॉल के संचालक राजन कुमार पर हुई गोलीबारी मामले के मुख्य अभियुक्त गुरूआ थानाक्षेत्र के पुनौल गांव के रहने वाला मोहम्मद अमानुल्लाह उर्फ इरफान उर्फ फलक सिंह खान उर्फ मंटू को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावे थानाक्षेत्र के चपरी गांव का रहने वाला मोहम्मद मुस्तफा एवं रानीगंज बाजार को रहने वाला प्रीतम कुमार उर्फ इमरान को भी गिरफ्तार किया गया है. उन्होने बताया कि इस कांड का मुख्य अभियुक्त अमानुल्लाह क्षेत्र के चर्चित आतंक शौकत अली के लिए काम करता है. 19 अगस्त को स्वर्ण व्यवसायी अभय कुमार पर अमानुल्लाह ने ही गोली चलाई थी. घटना के दिन साढे छह बजे शाम में अमानुल्लाह ने शौकत अली से बात किया था और साढे सात बजे घटना का अंजाम दिया था. घटना के दिन इसका लोकेशन इमामगंज बाजार में ही था. यह शौकत अली का दाहिना हाथ बताया जाता है. घटना के पूर्व चपरी गांव के रहने वाले मुस्तफा के घर पर ही घटना को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी और यह भी शौकत अली के लिए ही काम करता है. वहीं प्रीतम कुमार शौकत अली के लिए क्षेत्र से लेवी वसूलने का काम करता है. उन्होंने  बताया कि 22 जुलाई 2017 को न्यू भारत मेडिकल हॉल के संचालक राजन कुमार पर भी अमानुल्लाह ने ही गोली चलाई थी. इसके एवज में शौकत अली ने घटना को अंजाम देने के लिए अमानुल्लाह को 25 हजार रूपये दिए थे. उन्होंने बताया कि जिस दिन मेडिकल हॉल संचालक पर गोली बारी हुई थी उसका सीसीटीवी फूटेज में अमानुल्लाह ही दिखाई दे रहा है. इन सबों का बहुत बड़ा नेटवर्क है और दर्जनों बदमाश इस धंधे में जूडे़ हुए है. इन सबों को गिरफ्तारी करने के लिए एक रणनीति बनाकर पुलिस काम कर रही है. बहुत जल्द ही कई लोग पुलिस के गिरफ्त में होंगे. इधर क्षेत्र का आतंक शौकत अली की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है. 

सुनील टाइगर और नदीम अख्तर के नाम पर आता था कॉल

क्षेत्र के व्यवसायियों के पास आये दिन सुनील टाइगर और नदीम अख्तर के नाम से लेवी के लिए धमकी भरा कॉल आया करता था. कई व्यवसायियों ने लेवी के लिए आये फोन आने की सूचना लिखित या मौखिक तौर पर पुलिस को दिया करते थे. पुलिस भी इसकी तहकीकात में जुटी हुई थी. इसी बीच इन सब बदमाशों की गिरफ्तारी इमामगंज पुलिस ने अलग-अलग जगहों से कर लिया है. इन सबों से पुछताछ के दौरानं बदमाशों ने कबूल किया है कि नाम बदलकर शौकत अली ही व्यवसायियों के पास धमकी भरा कॉल किया करता था. थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि सुनील टाईगर और नदीम अख्तर के नाम पर शौकत अली ही कॉल किया करता था. जिसे बेनकाब कर लिया गया है. इधर गिरफ्तार किए गए तीनों बदमाशों को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है. 

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट  



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