फर्जी कागजात बनानेवाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफ़ाश, जाली ड्राइविंग लाइसेंस और पैनकार्ड बरामद

फर्जी कागजात बनानेवाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफ़ाश, जाली ड्राइविंग लाइसेंस और पैनकार्ड बरामद

AURANGABAD: औरंगाबाद पुलिस ने जाली आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैनकार्ड बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह से बिहार, झारखण्ड, छतीसगढ़, मणिपुर, बंगाल सहित कई अन्य राज्यों के 35 जाली ड्राइविंग लाइसेंस, कई जिलों के डीटीओ के फर्जी हस्ताक्षर, जाली मुहर और इससे संबंधित कई कार्यालयों के दस्तावेज बरामद किया है। गिरफ्तार सरगना शमशाद आलम अम्बा के सब्जी बाजार का रहने वाला है। पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ अनूप कुमार ने बताया कि गिरफ्तार सरगना ने 1998 में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीसीए की डिग्री हासिल की और काफी दिनों तक कई लैब में लैब मेंटेनेंस का काम किया।

शमशाद आलम 2013 में राज्य के विभिन्न हिस्सों में काम करने के बाद अपने घर लौट आया और यही बाजार में एक दुकान खोलकर शादी कार्ड, बैलेंसशीट फोटो कॉपी, लेमिनेशन एवं कम्प्यूटर से सम्बंधित कार्य करना आरंभ कर दिया। धीरे धीरे उसने  ड्राइविंग लाइसेंस,वोटर आईडी एवं पैनकार्ड बनाना शुरू कर दिया। एसडीपीओ ने बताया कि इस जालसाजी के धंधे में उसके  शामिल होने का खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार को अम्बा पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान सफेद रंग की एक स्कार्पियो BR 26K 6824 को रुकवाकर जांच की गई। 

जांच के क्रम में जब चालक से ड्राइविंग लाइसेंस की मांग की गई जो प्रथम दृष्टया वह लाइसेंस जाली प्रतीत हुआ।जब ड्राइवर से पूछा गया कि यह लाइसेंस कहा बनवाया है। उसने बताया कि यह लाइसेंस अम्बा बाजार से ही बनवाया गया है। चालक के बताए गए पते पर जांच टीम पहुंची तो पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने शमशाद आलम को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है।

औरंगाबाद से आकाश की रिपोर्ट 

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