डिप्टी सीएम के परिजनों को मिले 'ठेके' पर चढ़ा सियासी पारा, नेता प्रतिपक्ष ने सीएम से मांगा इस्तीफा, कहा- बड़े स्तर पर हुआ भ्रष्टाचार

डिप्टी सीएम के परिजनों को मिले 'ठेके' पर चढ़ा सियासी पारा, नेता प्रतिपक्ष ने सीएम से मांगा इस्तीफा, कहा- बड़े स्तर पर हुआ भ्रष्टाचार

पटना. बिहार सरकार की फ्लैगशिप योजना हर घर नल का जल योजना में बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के बहू, बेटा और साला को दिये गये ठेका को लेकर बिहार विधानसभा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार और सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम की बहू और साले की अवैध कंपनी को इस योजना के तहत ठेका दिया गया और भ्रष्टाचार किया गया. उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार की शिकायत 2020 में ही सरकार से की गयी थी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

सीएम से इस्तीफे की मांग

वहीं डिप्टी सीएम के परिजनों को लेकर अब बिहार में सियासी पारा भी चढ़ गया है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मामले को लेकर सीएम नतीश से इस्तीफे की भी मांग की है. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए, लेकिन सीएम नीतीश में कोई नैतिकता नहीं बीच है, वे अपनी कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि नैतिकता की दुहाई देने वाले सीएम नीतीश अब क्यों चुप है. इतनी बड़ी घोटाला हो गया, लेकिन सीएम मीडिया से मुंह छुपाए फिरते हैं.

अवैध तरीके से दिए गये डिप्टी सीएम के परिजन को ठेका

तेजस्वी ने कहा कि हर घर नल का जल योजना के लिए ठेका पीएचडी डिपार्टमेंट देता है और पीएचडी डिपार्टमेंट इस योजना में ऐसी कंपनी को ठेका देता है, जिसे अनुभव हो, लेकिन डिप्टी सीएम तारकिशोर की बहू की कंपनी को इस योजना के तहत ठेका दिया गया है, जिसे कोई अनुभव नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम की बहू और साले स्वयं मान चुके हैं, कि उनका जो कंपनी है, उसका कोई अनुभव नहीं है और उन्होंने इस योजना में कोई काम नहीं किया. केवल सरकार धन का बंदरबांट किया.


योजना का नाम बीजेपी और जदयू के नेता के घर में धन पहुंचाना होना चाहिए

साथ ही उन्होंने इस योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस योजना का नाम 'लोगों के घरों में जल पहुंचाना नहीं होना चाहिए, बल्कि बीजेपी और जदयू के नेता के घर में धन पहुंचाना होना चाहिए'. वहीं उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत चुन चुनकर जदयू और भाजपा के नेता को ठेका दिया गया और योजना का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने की जगह बीजेपी और जदयू के नेता के बीच रुपये का बंदरबांट किया गया.

सीएम को 50 ग्राम पंचायात लभान्वित दिखाने की चुनौति

साथ ही उन्होंने इस योजना को लेकर सीएम नीतीश को चुनौति देते हुए कहा कि इस योजना से लाभान्वित बिहार के 50 ग्राम पंचायात सीएम नहीं बता सकते है. तेजस्वी ने कहा कि इस योजना में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है. इसमें जांच होनी चहिए. वहीं उन्होंने बिहार में भ्रष्टाचार को लेकर बिहार सरकार को कटघरे में लेते हुए कहा कि इससे पहले बिहार में 70 भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. लेकिन सरकार इसमें कुछ नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश डरे हुए है, वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं.

भ्रष्टाचार में सुशील मोदी भी शामिल

वहीं उन्होंने इस भ्रष्टाचार से बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा सांसद सुशील मोदी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि हर घर नल का जल योजना तत्कालीन डिप्टी सीएम सुशील मोदी के अंदर में आती थी. तारकिशोर प्रसाद सुशील मोदी के बदले बिहार में डिप्टी सीएम बने हैं, तो सुशील मोदी बताए दोनों के बीच क्या कनेक्शन है. उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार में सुशील मोदी भी शामिल है.

दूसरी पार्टी के होते तो पड़ता आईटी और ईडी का छापा 

वहीं उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले में यदि कोई दूसरी पार्टी के नेता होते तो अभी तक आईटी और ईडी का छापा पर गया होता, लेकि मामला जदयू और भाजपा से जुड़ा है. इसलिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि हम नहीं भाजपा के नेता ही कहते हैं कि बिहार में अधिकारियों के ट्रांसफर में बड़े पैमाना पर रुपये लिये जाते हैं, तो नीतीश कुमार बताये कि ऐसे मंत्री पर कार्रवाई हुई है.


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